उजला भारत
बड़े सपनों की पाठशाला का नन्हा हेडमास्टर
16 साल के बाबर अली का स्कूल बताता है कि बड़े काम बड़ी उम्र के मोहताज नहीं होते. सम्राट चक्रबर्ती की रिपोर्ट
जो तैरे धारों के विपरीत
वे दलित परिवार में पैदा हुए थे इसलिए कदम-कदम पर सामाजिक तिरस्कार और तमाम दूसरी मुश्किलें उनकी नियति थी. बावजूद इसके उन्होंने हौसला नहीं खोया ...फिर गूंजा जीवन का कलरव
भरतपुर में न पानी बचा था, न मछलियां और नतीजतन न पक्षी. मगर सूझ-बूझ भरी कोशिशों के चलते इस पक्षी अभ्यारण्य में जिंदगी फिर से लौट आई है. प्रेरणा सिंह बिंद्रा की रिपोर्ट...भूल बना विलायती बबूल
जिस विलायती बबूल को सरकार ने रेगिस्तान की समस्या का इलाज करने के लिए इजराएल से मंगवाया था वो अब गुजरात के कच्छ जिले में कई समस्याओं की वजह बन गया है. ...थोड़े हिंदू, थोड़े मुसलमां, पूरे इंसां
नसीब खान ने हाल ही में अपने बेटे प्रकाश सिंह की शादी राम सिंह की बेटी गीता से की. तीन महीने पहले हेमंत सिंह की ...हरी वादियों का चितेरा
अस्सी के दशक की शुरुआत से ही एक अकेले व्यक्ति के शांत प्रयासों ने ऐसे ग्रामीण आंदोलन की नींव रखी जिसने उत्तराखंड की बंजर पहाड़ियों ...अंधेरे में ज्ञान का जुगनू
राजस्थान के इस गांव में नाम भर को पढ़ा लिखा एक चरवाहा, बिना किसी सरकारी या दूसरे सहयोग के रात के अंधेरे में ज्ञान की रोशनी फैला रहा है....संपूर्णता को अभ्यासरत
पांच साल की छोटी सी उम्र में एक हादसे के शिकार पूरन चौहान ने अपनी शारीरिक अक्षमता को कभी अपनी ज़िंदगी की राह का रोड़ा नहीं बनने दिया. ...- यहां सेक्स टैबू है, स्त्री के लिए
- आतंक के मोहरे या बलि के बकरे ?
- कब जागेंगे हम?
- 'मुझे कोई शर्मिंदगी नहीं है'
- एक हवेली, एक कहानी
This article shows that tehelka magazine openly support terrorist people working in India.Court work only on proof.This terrorist people are well train in ...
ALL MEN AND WOMEN ARE BIND WITH THE STARS AS PER THE CONDITION OF PLANET AT THE TIME OF BIRTH. HOW MUCH IS ONE ADVACE ...
mai samjhataa hoo. ki sabkuch ho lekin khoonkharaaba nahi hona chahiye, sabko bolne ka mauka milna chahiye kisi ki jameen par jabran kabjaa nahi hona ...
yah abheemanyu nahi balki arjun hai, jine bas apana lakshya dhayan hai or vah lakhchya hai ..imandar prashashan ..fir natija chahe kuch bhee ho !
Aaj se agar 100 saal baad electronic channels (khaskar Hindi) ka itihaas likha jaayega toh usmen is kaal ko bhooton, kutte-billiyon, Naach-gaanon aur thumkon ka ...


