खुला मंच
शोर के बीच संसदीय चैनल
ऐसे समय में जब निजी चैनलों की चमक-दमक, भीड़-भाड़ और शोर-शराबे के बीच सार्वजनिक प्रसारण की भूमिका, प्रासंगिकता और जरूरत बढ़ती जा रही है, हमारे
‘बेहोश आदमी की देखभाल होश में रहकर करें’
आदमी अचानक ही बेहोश हो जाए तो उसके अासपास एक किस्म की अफरातफरी-सी मच जाती है. बेहोश आदमी के आसपास यदि दो आदमी भी मौजूद...बेहोशी का मायाजाल
किसी का आपके आसपास ‘अचानक बेहोश हो जाना’ एक बेहद ही नाटकीय पल होता है. अभी-अभी एकदम ठीक बैठे थे, बढ़िया बात कर रहे थे...अपराध और दंड
अकसर देखा गया है कि चैनलों को दूसरों के दुख या परेशानी या कष्ट की खिल्ली उड़ाने में बहुत मजा आता है. लेकिन कहते हैं...साधो, वश नहीं भीड़ पर
रामदेव और उनके अनुयायियों के साथ पिछले महीने दिल्ली के रामलीला मैदान में हुई सरकारी ज्यादती के प्रसंग में गांधी का व्यक्तिगत सत्याग्रह अनायास ही...फतवा है, फरमान नहीं
फतवा सभी पक्षों की बात सुनकर, सबूतों का मूल्यांकन करने के बाद, सुझाव के तौर पर दिया जाना चाहिए...ताल्लुक बोझ बन जाए तो..
ऐसा सोचना ठीक नहीं होगा कि संघ और भाजपा द्वारा शिवसेना के शगूफे ‘मुंबई मराठियों के लिए’ की आलोचना सिर्फ अक्तूबर में होनेवाले बिहार विधानसभा...‘कौन बनेगा मुख्यमंत्री’ उर्फ चैनलों का चुनावी जनतंत्र
उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों का बिगुल बज चुका है. ये चुनाव राजनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इनसे न सिर्फ...क्या भारत में राष्ट्रपति के शासन करने का वक्त आ गया है?
विधेयकों का सालों तक लटकना, आए दिन संसद का ठप होना और सांसदों का अमर्यादित आचरण. शायद अब समय आ गया है जब हमें संसदीय प्रणाली को खत्म करने के बारे में सोचना चाहिए. शशि थरूर के विचार...कपिल सिब्बल को गुस्सा क्यों आता है?
संचार मंत्री कपिल सिब्बल फेसबुक, गूगल और याहू जैसे इंटरनेट और सोशल नेटवर्किंग साइटों से खासे नाराज हैं. उनके मुताबिक इन साइटों पर ऐसा ‘बहुत...- काले कर्मों वाले बाबा
- आतंक के मोहरे या बलि के बकरे ?
- कब जागेंगे हम?
- कितनी लंबी यात्रा
- ख़ूबसूरत लड़कियां
maen ulmacuncil ko tahe dil se sukriya ada kara hun aur maen is party se bahot santust hun aur kabhi bhi meri jarorat padi to ...
maen ulmacouncil ke liye bhot bahot duaa karta hun
maen (abuobaid mo. khalid saefullah)
bilariyaganj azamgarh
आज के इस बेहद निराश और हताश तक करने वाले राजनीतिक और सामाजिक माहोल में आप का यह कथन बिलकुल सही है,''आज की कांग्रेस उदारवादी, ...
I have found a lot of useful information from this platform. I must say that sharing your thoughts with one another is an easy way ...
What's wrong in this. It's a great work which is done by RSS. We are not able to understand what you (Media) want if any ...


