शून्यकाल
सरबजीत, सनाउल्लाह और शर्म
सरबजीत हों, सनाउल्लाह हों या कोई और- ये सब राष्ट्रवाद के मोहरे हैं जिनकी कभी जान ली जाती है और जिन्हें कभी शहीद बताया जाता है.
असली फेंकू और पप्पू कौन
जब राजनीति व्यक्तियों के टकराव का ऐसा खेल बन जाए जिसमें वास्तविक आर्थिक-सामाजिक सवालों पर कोई बहस न हो तो चिंता होनी चाहिए...आलोचकों की स्पिन और धोनी का छक्का
ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध 4-0 से टेस्ट शृंखला जीत कर महेंद्र सिंह धोनी ने उन आलोचकों के मुंह सिल दिए हैं जो पिछले दिनों उनकी कप्तानी...राजा और ख्वाजा के बीच
हाल में जियारत के लिए अजमेर आए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री का विरोध एक खास तरह की देशभक्ति और उससे उपजते संकट से आगाह करता है....अंधेरनगरी में मानवाधिकार
जैसे एक जुनून आतंकियों की आंखों पर पट्टी बांध देता है, वैसे ही राष्ट्रवाद की भावुकता लोगों को और कुछ देखने नहीं देती ...न सख्त न नरम, बस नाकाबिल
प्रतिशोध को न्याय मानने की भूल हम पहले ही करते रहे हैं, अफजल की फांसी ने इसे प्रहसन में बदल डाला हैयह सच है कि...असहमति को भी आशीष दें
आशीष नंदी का बोलना सिर्फ उनके हक के लिए नहीं, एक समाज के तौर पर हमारी विचारशीलता के लिए भी जरूरी है...बाहर निकली तो खबरदार
बलात्कारियों को तो हम फांसी दे दें, पर इन छलात्कारियों का क्या करें जो बलात्कार के लिए लड़कियों को भी दोषी मान रहे हैं?...देहरी और दोराहा
आधुनिकता उसे घर से बाहर निकाल कर उसका शिकार करना चाहती है. परंपरा उसे घर के भीतर ही मार डालना चाहती है. ऐसे में स्त्री अपने चारों तरफ पसरे समाज से कैसा रिश्ता जोड़े? ...वह इंद्रधनुष टूट गया
हमारे लिए बहुलता और उल्लास के इंद्रधनुष बनाने वाली लता मंगेशकर उसके लिए क्यों शोकाकुल हुईं जिसकी राजनीति इस बहुलता के विरुद्ध थी? ...- 'आप’ का क्या होगा?
- चिह्न पर प्रश्नचिह्न
- हरेक बात पे कहते हो तुम कि...
- ह्त्याग्रही गांधी!
- तो हमें तुम्हारी जरूरत ही क्या है मौलाना?
इस आलेख को पढ़ने के बाद मैंने तुरंत ही इसे अपने बुकमार्क सूचि में शामिल कर लिया।
संजय कुमार
सुरुचिपूर्ण, व्यवस्थित और ज्ञानवर्धक आलेख है।
सर, मैं आपके इस लेख की प्रशंसा किन शब्दों में करूँ, समझ में नहीं आ रहा है।
नए लेखकों के ...
संघ परिवार की गर्भनाल से बंधी भाजपा और अपने स्वार्थ की नाल लेकर भाजपा से बंधे वरुण गांधी से आप उम्मीद भी क्या कर सकते ...
एफएसएल के अतिरिक्त एनडीटीवी ने भी वरुण के भड़काऊ भाषणों वाली सीडी की जांच अमेरिका की एक स्वतंत्र फोरेंसिक लैब 'डिजिटल एविडेंस लीगल वीडियो सर्विसेज' ...
ये वही तहलका है ना, बंगारू लक्षमण का स्टिंग करने वाला ? इसकी खोजी पत्रकारिता केवल कांग्रेसी सेवा के लिय ही है , इन दस ...


