पठन-पाठन
'आत्मकथा लिखने के लिए किसी विभूति के कमेंट सुनने का साहस चाहिए'
आपकी पसंदीदा लेखन शैली क्या है?उपन्यास. उपन्यासों में मुझे मैला आंचल, नटरंग, स्पार्टाकस, संस्कार, ओल्ड मैन एंड द सी, पद्मा नदीर मांझी और मछुआरे बहुत
' निराला ब्राह्मणवाद से ग्रसित लेखक हैं '
आपकी पसंदीदा लेखन शैली क्या है?फिक्शन. मैं कहानी लिखता रहा हूं. अभी एक उपन्यास पर काम चल रहा है, शायद इस साल पूरा हो जाए. ...' सहज भाषा भी कलात्मक हो सकती है '
आपकी पसंदीदा लेखन शैली क्या है?मुझे सबसे अधिक संस्मरण और डायरी पसंद हैं. सीमोन द बोउवार की किताब सेकेंड सेक्स, विष्णु प्रभाकर की आवारा मसीहा, ...'मौजूदा दौर में लेखकों के बीच लेखन का जिक्र कम हो रहा है'
आपकी पसंदीदा लेखन शैली क्या है?उपन्यास मुझे बहुत प्रिय है. दुनिया भर के उपन्यास मुझे पसंद हैं. इसके अलावा यात्रा वृत्तांत और आत्मकथाएं बहुत पसंद ...' हिंदी में सरकारी खरीद नाम की अलालत ने किताबों को पाठकों से दूर किया है '
आपकी मनपसंद लेखन शैली क्या है ?रचना का फॉर्म, शैली, गठन या बुनावट कोई भी या कैसी भी हो, यह आवश्यक है कि उसमें बेहतरी ...मैत्नेयी पुष्पा के 'गुड़िया भीतर गुड़िया' को बेमतलब की शोहरत मिली
इन दिनों क्या लिख-पढ़ रही हैं?दस कहानियों की एक सीरीज पर काम कर रही हूं, जिसका नाम है- बशीर की कहानियां. हर्टा म्यूलर का उपन्यास ...'हिंदी में हर लेखक को, किसी न किसी स्तर पर, अपने अलक्षित रह जाने का अफ़सोस है'
आपकी मनपसंद लेखन शैली क्या है?मेरी कोई पसंदीदा शैली नहीं है. शायद ऐसा होता भी न हो. हर रचना अपनी शैली ख़ुद ले आती है. ...'जब तक किस्सागोई है, किताबें लिखीं और पढ़ी जाएंगी'
आपकी मनपसंद लेखन शैली क्या है?ऐसी कोई भी शैली जिसमें भाषा के प्रयोग का आनंद हो, किस्सागोई हो, कुछ टेढ़ी, महीन बुनावट की कसरत हो, ...'महाभारत मुझे अलग-अलग कोणों से बार-बार आकर्षित करता है'
आपकी मनपसंद लेखन शैली क्या है?मित्रों को पत्र लिखना पसंद करता हूं. दुर्भाग्य से यह विधा संसार से उठती जा रही है. बाकी कथा, उपन्यास, ...'वह रचना ज्यादा दिन तक नहीं चलती जिसका यथार्थ के धरातल से जुड़ाव नहीं होता'
फिलहाल क्या लिख-पढ़ रहे हैं? इन दिनों दो-तीन काम एक साथ कर रहा हूं. बहिरंग नाम से एक डायरी लिख रहा हूं. इसे डायरीनुमा संस्मरण ...- यहां सेक्स टैबू है, स्त्री के लिए
- आतंक के मोहरे या बलि के बकरे ?
- कब जागेंगे हम?
- कितनी लंबी यात्रा
- 'मुझे कोई शर्मिंदगी नहीं है'
wah jp bhaiya wah, naxal aur adiwasi ki aad ka khel hai.
sonbhadra me jab ham the tabhi ham is baat ko lekar chintit rahe lekin ...
bahut achha sujhav haun,ise dono desh ko man lena chahiye isi me kashmiriyat ki jeet hain har kisi ki nahi na bharat ki har hain ...
Apne jo likha hai wo sahi hai per female ko jyda khulapan dena bhi pariwar ke liye hanikarak sabit hota hai.mahilaye jyada emotional hone ke ...
well said Vijay!!!im agree with u
very good.


