' सर्वाधिक पढ़ी जाने वाली किताबों में रैपिडेक्स या उसकी नकल और प्रेमचंद हैं '
आपकी पसंदीदा विधा कौन-सी है?
छंद की कविता और गद्य. इसके अलावा समाजशास्त्र और सिद्धांतों की, खासकर साहित्यिक सिद्धांतों की किताबें पसंद हैं.
इन दिनों क्या पढ़ रहे हैं?
रीतिकाल के बारे में पढ़ रहा हूं. 19वीं शताब्दी में दरबारों में नाचने वाली स्त्रियों पर कुछ शोध अंगरेजी में हुए हैं उन्हें पढ़ रहा हूं. चारू गुप्ता और ओल्डेनबर्ग वीना तलवार की किताबें तथा फूको की हिस्ट्री ऑफ सेक्सुअलिटी पढ़ रहा हूं.
आपके पसंदीदा रचनाकार कौन हैं?
जिसके बिना काम न चले वही प्रिय हुआ. मैं किसी को ऐसा खुदा नहीं मानता. हिंदी में मनोहरश्याम जोशी और निर्मल वर्मा को प्रतिभाशाली मानता हूं. मुक्तिबोध मेरे मन के नजदीक बैठते हैं. मेरी रेंज थोड़ी अलग ढंग की है. मैं किसी धार्मिक व्यक्ति की तरह गीता, कुरान को प्रिय मानकर उस पर रुकता नहीं हूं. मुझे जयशंकर प्रसाद की कामायनी बहुत पसंद है. उसे मैं कई बार पढ़ सकता हूं.
जिन लेखकों या रचनाओं का सही मूल्यांकन नहीं हो पाया?
मूल्यांकन एक सब्जेक्टिव चीज है. पढ़नेवाला अपनी नजर से विचार करता है. साहित्य में ’सही’ शब्द धोखा देता है. किसी व्यक्ति के मानक को सब लोग सही नहीं मान सकते. हिंदी समाज जैसा है लोग उसके हिसाब से पढ़ते हैं और उस पर विचार करते हैं. जैसे मुझे इब्ने शफी बहुत पसंद हैं. अफसोस है कि हिंदी में जासूसी उपन्यास नहीं हैं.
बेवजह मशहूर हो गई कोई रचना या लेखक?
राजेंद्र यादव को कोई नहीं पढ़ता. सर्वाधिक पढ़ी जाने वाली किताबों में रैपिडेक्स या उसकी नकल और प्रेमचंद हैं. चाहे कोई भी लेखक हो, अगर उन्हें कोर्स से निकाल दिया जाए तो उन्हें उनके बच्चे तक नहीं पढ़ेंगे.
पढ़ने की रवायत कायम रहे इसके लिए क्या किया जाए?
मन की लगन. अगर आप ज्ञान का अर्जन करना चाहते हैं तो आपको पढ़ना ही पढ़ना है.
रेयाज उल हक





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