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'संगीत पर स्तरीय रचनाओं का बेहद अभाव है'

image मधुकर उपाध्याय, साहित्यकार

फिलहाल क्या लिख-पढ़ रहे हैं?

एक यात्रा-वृत्तांत लिख रहा हूं. मैंने देश में 62,000 किलोमीटर की यात्रा की थी. अब उससे जुड़े अनुभवों को कलमबद्ध करने की कोशिश कर रहा हूं. यह पुस्तक तीन हिस्सों में प्रकाशित होगी. अमेरिका में पढ़ाने वालीं एक इतिहासविद हैं वेंडी डॉनिगर जिनकी पुस्तक द हिंदूज में इन दिनों उलझा हुआ हूं.  

किस विधा में लिखना पसंद है?

इतिहास मेरा प्रिय विषय है. ऐतिहासिक विषयों पर लिखना मुझे हमेशा से पसंद रहा है. इसके अतिरिक्त यात्रा वृत्तांत लिखने में भी मेरी काफी रुचि है. माउंटबेटेन  पर आधारित पुस्तक लिखने की भी तैयारी कर रहा हूं. इसी विषय से संबंधित एक पुस्तक पचास दिन पचास साल पहले भी लिख चुका हूं.   

रचना या लेखक जो आपके बेहद करीब हों?

बहुत-सी रचनाएं इस श्रेणी में आती हैं. शूद्रक का नाटक मृच्छ कटिकम बहुत व्यापक संदर्भ समेटे हुए है. इसी तरह अज्ञेय की शेखर एक जीवनी भी विस्तृत फलक की रचना है. हम काफी भाग्यशाली हैं कि मार्खेज और नाइजीरिया के लेखक चिनुआ अचेबे जैसे लेखक हमारे ही समय में लिख रहे हैं.

कोई रचना जो अलक्षित रह गई.

मैंने देखा है कि हिंदी में कलाकारों पर काफी लिखा गया है, कलाओं पर भी पढ़ने को मिल जाता है लेकिन संगीत पर स्तरीय रचनाओं का बेहद अभाव है. और अगर कुछ स्तरीय आता भी है तो वो अलक्षित चला जाता है. शंभुनाथ मिश्र की रचना सात सुर सत्ताईस दायरे इसी तरह की रचना थी. आप सोचिए कि अगर आज हमें केसरबाई केलकर के बारे में कुछ पढ़ना हो तो अभिलेखागारों की खाक छाननी पड़ जाएगी. 

रचना जिसे बेमतलब की शोहरत मिली.

झुंपा लाहिड़ी की शुरूआती रचनाएं बहुत अच्छी थीं लेकिन बाद में उनमें एक दोहराव देखने को मिलता है जैसे अनअकस्टम्ड अर्थ. 

हाल में खरीदी गई पुस्तक?

वेंडी डॉनिगर की लगभग 1000 पन्नों की पुस्तक द हिंदूज.

अतुल चौरसिया

Comments (1 posted)

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brajesh kumar pandey 06/08/2010 18:59:46
madhukar ji ki aitihasik prastuti thi bharatnama.BBC par iske prasaran ko sunkar kaga tha ki radio karyakram bhi itni safalta ke sath prastut kie ja sakte hai.madhukar ji ke alava kisi dusre se ye sambhav nahi tha.abhi hal hi me bbc hindi ki ke kuch prastutkarta road par nikle the,par kha bharatnama aur kha ye sb.achha mehnat kia tha par aap vala maja nahi aya.
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