नवागत
' राम तेरे बंदों से कांपते हुए '
गीतिकाराम तेरे बंदों से कांपते हुए,जिया किए राम-राम जापते हुए.जीवन के बोझ तले दबे-कुटे हम,दुनिया भर रंज-ग़म अलापते हुए.दूर खड़ी खुशियों की टोह-टोहकर,हासिल का इंच-इंच
कर्मन की गति न्यारी
कर्ज की हमको दवा बताई कर्ज ही थी बीमारी, साधो!कर्मन की गति न्यारी.गेहूं उगे शेयर नगरी में खेतों में बस भूख उग रही मूल्य सूचकांक...खुशी प्रायोजित की जाएगी
खुशी प्रायोजित की जाएगी ठंडे चूल्हे के पास बैठी हुई एक बीमार औरत मुस्कराएगी लंबी गाड़ी से उतरेगी एक गदराई हुई औरत और बनावटी फूल...मां ने कहा था
मां ने कहा था चार साल का होने पर रोटी का कौर मुंह में रखा ही था मां कह उठी अजी सुनते हो देखो तो...खाने
बचपन से देखा था, ढेरों खाने थे खानों के बाद खाने, बड़े-छोटे, पतले-मोटे अनगिनत और इन्हीं खानों से तय होते थे रिश्ते इन्हीं के आकार...तुम्हारी बाँहों में मछलियाँ क्यों नहीं हैं और नॉस्टेल्जिया
मेरा मन है कि मैं उसे कहानी सुनाऊँ। मैं सबसे अच्छी कहानी सोचता हूं और फिर कहीं रखकर भूल जाता हूं। उसे भी मेरे बालों...क्षणिकाएं
1) माधुरी लौटी है वापस, ग्लिसरीन लगा कर रो रही है..हॉल के लोग अँधेरे में भी जगे हुए हैं...सुनते हैं ये वही लोग हैं, जो...दो कविताएं
योग योग कहीं भी कभी भी एक लंबी सांस लीजिए थोड़ा धैर्य रखिए, दूसरे के अपशब्दों को उसके संस्कारों का छिछलापन मानकर भूल जाईये, उनके...समंदर : दो कविताएं
1-समंदर की लहरें भी बहुत कुछ कह जाती हैं आते जाते....मसलन, जिंदगी हारने का नाम नहीं, मेरी ही तरह उठो और आगे बढो मंजिल के...‘फिलहाल मेरा घर टूटा पड़ा है’
मेरा टूटा हुआ घर कल जब यह एक आशियाना था, तब इसका सामने का कमरा बड़ा इठलाता था। उसमें महंगा डिस्टेम्पर जो पुता था, बड़ा...- काले कर्मों वाले बाबा
- आतंक के मोहरे या बलि के बकरे ?
- कब जागेंगे हम?
- कितनी लंबी यात्रा
- ख़ूबसूरत लड़कियां
maen ulmacuncil ko tahe dil se sukriya ada kara hun aur maen is party se bahot santust hun aur kabhi bhi meri jarorat padi to ...
maen ulmacouncil ke liye bhot bahot duaa karta hun
maen (abuobaid mo. khalid saefullah)
bilariyaganj azamgarh
आज के इस बेहद निराश और हताश तक करने वाले राजनीतिक और सामाजिक माहोल में आप का यह कथन बिलकुल सही है,''आज की कांग्रेस उदारवादी, ...
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What's wrong in this. It's a great work which is done by RSS. We are not able to understand what you (Media) want if any ...


