आपबीती
10 रुपये का नोट और ईमानदारी का सबक
ऐसा शायद ही कोई होगा जिसने घूम-घूम कर हींग, जीरा, माला, रुद्राक्ष आदि बेचने वाले नेपाली फेरीवालों की ईमानदारी और मेहनत की कहानियां न सुनी
‘काश लोगों ने पहले इतनी कद्र की होती’
बचपन से ही मैं अभिनय की ओर आकृष्ट थी. यही वजह थी कि स्कूल के दिनों से ही नाटक आदि से मेरा जुड़ाव हो गया....‘उस दिन अगर मैं दरवाजा खोल देती!’
कई बातें ऐसी होती हैं जो बीत जाने के बाद बरसों, कई बार तो ताउम्र अपना असर कायम रखती हैं. मुझे आज भी बहुत अच्छी...‘कंडक्टर की हिम्मत और गरीबों के प्रति उसके जज्बे को मैं आज भी भूला नहीं हूं’
बात तकरीबन चार साल पुरानी है. मैं नागपुर से अपने छोटे भाई का इलाज कराके के पिपरिया (होशंगाबाद) लौट रहा था. हम महाराष्ट्र परिवहन निगम...‘कोई स्त्री को कमजोर कहता है तो मुझे आंटी का वह चेहरा याद आता है’
पटना की यह मेरी दूसरी यात्रा थी. तब मैं रांची के सेंट जेवियर्स कालेज में पढ़ता था. मुझे जानकारी मिली थी कि मशहूर आलोचक नामवर...‘यज्ञोपवीत और मामा की घड़ी में बंधा स्नेह...’
हिंदू धर्म में सोलह संस्कार बताए गए हैं. इस संस्कारों में व्यवहार, नेग, दक्षिणा के नाम पर पैसे या उपहार लेने-देने की परंपरा है. इन...‘तैने सौ नंबर डायल किया था?’
दिल्ली पुलिस का एक नारा है- दिल्ली पुलिस सदा आपके साथ. दिल्ली पुलिस का यह सूक्त वाक्य गली-चौराहों और आए दिन अखबारों में साया होने...‘कहां से आएगा गलत को गलत कहने का साहस?’
रोजमर्रा की जिंदगी में कुछ ऐसी घटनाएं घटती हैं जो होती तो एकदम आम हैं लेकिन याद रह जाती हैं और साथ छोड़ जाती हैं...‘गंदगी है तो साफ करने वाले भी हैं’
बैंक की नौकरी में तीन साल बिताने के बाद मेरा तबादला बुंदेलखंड क्षेत्र में हुआ. मैं लगातार बुंदेलखंड के किसानों के हालात के बारे में...‘वह चाह रही थी कि धरती फट जाए और वह उसमें समा जाए’
अवसरों की समानता के सरकारी दावे सुनकर मुझे अक्सर सुशीला की याद आ जाती है. हैदराबाद से 10वीं की पढ़ाई करके मैं गोरखपुर स्थित अपने...- 'आप’ का क्या होगा?
- चिह्न पर प्रश्नचिह्न
- हरेक बात पे कहते हो तुम कि...
- ह्त्याग्रही गांधी!
- तो हमें तुम्हारी जरूरत ही क्या है मौलाना?
The article shows deliberate intent of the writer to attain 'fake greatness' by irrelevent analysis of occurances.
इस आलेख को पढ़ने के बाद मैंने तुरंत ही इसे अपने बुकमार्क सूचि में शामिल कर लिया।
संजय कुमार
सुरुचिपूर्ण, व्यवस्थित और ज्ञानवर्धक आलेख है।
सर, मैं आपके इस लेख की प्रशंसा किन शब्दों में करूँ, समझ में नहीं आ रहा है।
नए लेखकों के ...
संघ परिवार की गर्भनाल से बंधी भाजपा और अपने स्वार्थ की नाल लेकर भाजपा से बंधे वरुण गांधी से आप उम्मीद भी क्या कर सकते ...
एफएसएल के अतिरिक्त एनडीटीवी ने भी वरुण के भड़काऊ भाषणों वाली सीडी की जांच अमेरिका की एक स्वतंत्र फोरेंसिक लैब 'डिजिटल एविडेंस लीगल वीडियो सर्विसेज' ...


