उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश: एक शहर का कहर
कहीं कब्रिस्तान और श्मशान पर कब्जा तो कहीं तालाब पाटकर बनती बहुमंजिला इमारतें. कहीं फर्जी रजिस्ट्री तो कहीं बिना मुआवजा दिए ही जमीन का अधिग्रहण.
बेकाबू बेनी बाबू
बात-बेबात कुछ भी कह जाने वाले केंद्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ऐसा कैसे करते रह सकते हैं? बृजेश सिंह की रिपोर्ट...रिश्तेदारों और दागियों के सहारे
2014 के लोकसभा चुनावों की जंग के लिए बसपा उत्तर प्रदेश में वही दांव आजमाने की तैयारी में है जिससे परहेज करने का वह बार-बार दावा कर रही है. जयप्रकाश त्रिपाठी की रिपोर्ट ......और बेकाबू राजा
अपनी आपराधिक छवि की वजह से सरकारों के लिए अक्सर बोझ बन जाने वाले राजा भैया में ऐसा क्या है जो उन्हें प्रदेश की राजनीति में अपरिहार्य बना देता है. अतुल चौरसिया और वीरेंद्रनाथ भट्ट की रिपोर्ट....देस हुआ बेगाना
पांच दशक पहले बांग्लादेश में अपना सब कुछ छोड़कर भारत आए लाखों लोगों को देश में अलग-अलग जगहों पर बसाया गया था. आज तक ये शरणार्थी नागरिकता और बुनियादी सुविधाओं को तरस रहे हैं. जयप्रकाश त्रिपाठी की रिपोर्ट....कैद में बुढ़ापा
उत्तर प्रदेश में बुजुर्ग कैदियों की उम्र का बड़ा हिस्सा अपराध के चलते जेल में बीता तो बाकी उपेक्षा के चलते बीत रहा है. जयप्रकाश त्रिपाठी की रिपोर्ट....एकाधिकार तोड़ता मंत्रोच्चार
वाराणसी के एक अनूठे महाविद्यालय की लड़कियां वैदिक शिक्षा और कर्मकांड में पारंगत होकर ज्ञान की इस विधा में पुरुषों के वर्चस्व को चुनौती दे रही हैं. निराला की रिपोर्ट....विवादों का विश्वविद्यालय
देश-दुनिया में प्रतिष्ठित जिस काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में शिक्षकों और छात्रों को मिलकर ज्ञान की लौ जलानी चाहिए थी वहां आपसी टकराव की ज्वाला धधक रही है. निराला की रिपोर्ट....आयोग और दुर्योग
उत्तर प्रदेश में कई महत्वपूर्ण आयोगों की हालत इन दिनों नैया बिन खिवैया जैसी है. इसका खामियाजा वे पीड़ित भुगत रहे हैं जिनकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही. जयप्रकाश त्रिपाठी की रिपोर्ट....मिल बांटकर खाई मलाई
लैकफेड घोटाला उत्तर प्रदेश में मंत्रियों और अधिकारियों के भ्रष्ट गठजोड़ का एक और उदाहरण है. जयप्रकाश त्रिपाठी की रिपोर्ट....- 'आप’ का क्या होगा?
- चिह्न पर प्रश्नचिह्न
- हरेक बात पे कहते हो तुम कि...
- ह्त्याग्रही गांधी!
- तो हमें तुम्हारी जरूरत ही क्या है मौलाना?
इस आलेख को पढ़ने के बाद मैंने तुरंत ही इसे अपने बुकमार्क सूचि में शामिल कर लिया।
संजय कुमार
सुरुचिपूर्ण, व्यवस्थित और ज्ञानवर्धक आलेख है।
सर, मैं आपके इस लेख की प्रशंसा किन शब्दों में करूँ, समझ में नहीं आ रहा है।
नए लेखकों के ...
संघ परिवार की गर्भनाल से बंधी भाजपा और अपने स्वार्थ की नाल लेकर भाजपा से बंधे वरुण गांधी से आप उम्मीद भी क्या कर सकते ...
एफएसएल के अतिरिक्त एनडीटीवी ने भी वरुण के भड़काऊ भाषणों वाली सीडी की जांच अमेरिका की एक स्वतंत्र फोरेंसिक लैब 'डिजिटल एविडेंस लीगल वीडियो सर्विसेज' ...
ये वही तहलका है ना, बंगारू लक्षमण का स्टिंग करने वाला ? इसकी खोजी पत्रकारिता केवल कांग्रेसी सेवा के लिय ही है , इन दस ...


