उत्तराखंड
नतीजों का निहित
उत्तराखंड में शहरी निकाय चुनावों के नतीजे बताते हैं कि कांग्रेस ने खुद अपनी नैय्या डुबोई. इसके बाद राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की संभावना बन गई है. मनोज रावत की रिपोर्ट.
उत्तराखंड: ‘ठंडे’ पर सरगर्मी
उत्तराखंड में कोका कोला कंपनी को प्लांट के लिए जमीन देने का फैसला जिस तरह हुआ है उससे कई गंभीर सवाल खड़े होते हैं. मनोज रावत की रिपोर्ट....उल्टा पड़ता दांव
उत्तराखंड में पिछली भाजपा सरकार के कथित घोटालों की जांच करने के लिए बनाए गए आयोग की जांच रिपोर्ट मौजूदा कांग्रेस सरकार पर ही भारी...ताजपोशी के पीछे
उत्तराखंड में भाजपा अध्यक्ष पद पर तीरथ सिंह रावत की ताजपोशी के दौरान तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों के आपसी समीकरण जिस तरह बदले उससे एक बार फिर साबित हुआ कि राजनीति में कोई स्थायी दोस्त या दुश्मन नहीं होता. मनोज रावत की रिपोर्ट......जमाना है पीछे
सिर्फ 22 साल की उम्र में इसरो के मून मिशन का हिस्सा बनीं अमरोहा की खुशबू मिर्जा. राहुल कोटियाल की रिपोर्ट....मूल पर महाभारत
मूल निवासी के मुद्दे पर उत्तराखंड सरकार का फैसला राज्य में एक नये और तीखे टकराव की जमीन बन सकता है. मनोज रावत की रिपोर्ट....संख्या और आशंका
उत्तराखंड में नेपाली नागरिकों की बढ़ती आबादी के मुद्दे पर समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो हैरत नहीं कि भविष्य में राज्य असम जैसे हालात से जूझने को मजबूर हो. राहुल कोटियाल की रिपोर्ट....नुक्स कुछ, नुस्खा कुछ
जिस गैरसैंण में उत्तराखंड की कांग्रेस सरकार ने विधानसभा भवन बनाने का एलान किया वहां तक अगर उसके मंत्री सड़क मार्ग से ही चले जाते तो उन्हें रास्ते में ही राज्य की दशा सुधारने के कई नुस्खे मिल सकते थे. लेकिन आसमान की राह जाने वालों को जमीन की थाह आखिर मिले भी तो कैसे? मनोज रावत की रिपोर्ट. ...वंश का दंश
उत्तराखंड के टिहरी उपचुनाव में वंशवाद की उस विषबेल के एक बार फिर दर्शन हुए जो भारतीय राजनीति पर कुंडली कसती जा रही है. मनोज रावत की रिपोर्ट....अनबूझ अनुमान
300 करोड़ रु सालाना खर्च वाले जिस मौसम विभाग की जिम्मेदारी देश को हवा का ठीक-ठीक रुख बताना है उसकी भविष्यवाणियां खुद हवा के रुख...- 'आप’ का क्या होगा?
- चिह्न पर प्रश्नचिह्न
- हरेक बात पे कहते हो तुम कि...
- ह्त्याग्रही गांधी!
- तो हमें तुम्हारी जरूरत ही क्या है मौलाना?
The article shows deliberate intent of the writer to attain 'fake greatness' by irrelevent analysis of occurances.
इस आलेख को पढ़ने के बाद मैंने तुरंत ही इसे अपने बुकमार्क सूचि में शामिल कर लिया।
संजय कुमार
सुरुचिपूर्ण, व्यवस्थित और ज्ञानवर्धक आलेख है।
सर, मैं आपके इस लेख की प्रशंसा किन शब्दों में करूँ, समझ में नहीं आ रहा है।
नए लेखकों के ...
संघ परिवार की गर्भनाल से बंधी भाजपा और अपने स्वार्थ की नाल लेकर भाजपा से बंधे वरुण गांधी से आप उम्मीद भी क्या कर सकते ...
एफएसएल के अतिरिक्त एनडीटीवी ने भी वरुण के भड़काऊ भाषणों वाली सीडी की जांच अमेरिका की एक स्वतंत्र फोरेंसिक लैब 'डिजिटल एविडेंस लीगल वीडियो सर्विसेज' ...


