ऊंच-नीच
नंदी शिंदे, वरुण और ओवैसी नहीं हैं
हमारे देश में कुछ लोगों को कुछ भी कहने-करने का विशेषाधिकार है. लेकिन नंदी उन लोगों में शामिल नहीं हैं
मतिभ्रम और हम
हमें समझना होगा कि अपनी लोकतांत्रिक शक्तियों के इस्तेमाल में किसी भी किस्म की उदासीनता या लापरवाही आज के हालात में कोई विकल्प ही नहीं है...शाश्वत बदलाव है जड़ता नहीं
यूपीए सरकार और प्रधानमंत्री कई बार अपनी नीतियों और प्रशासन के स्तर वाली निष्क्रियता को गठबंधन राजनीति के सर पर डाल चुके हैं. विधायी कार्य...वाड्रा का डाबरा
रॉबर्ट वाड्रा के चारों ओर आज सवाल ही सवाल हैं. मगर इनसे बड़ा सवाल यह है कि इनमें से किसी को वे जवाब देने लायक क्यों नहीं समझते? रॉबर्ट वाड्रा के वित्तीय दस्तावेजों और उनसे जुड़ी अन्य सामग्री का अध्ययन करने के बाद अगर बिना तकनीकी तफसील में जाए उन पर लग रहे आरोपों की कहानी कही जाए तो वह कुछ-कुछ ऐसी होगी....आरक्षण कथा, अध्याय घ
सरकारी नौकरियों में प्रोन्नति में आरक्षण के मसले पर हाल ही में एक सर्वदलीय बैठक हुई. मीडिया ने बताया कि सपा को छोड़कर सभी दल...टीआरपी के बनाए और सताए
एनडीटीवी ने चैनलों की दर्शक संख्या यानी टीआरपी जारी करने वाली कंपनी टैम की मातृ कंपनियों पर अमेरिका में धोखाधड़ी का मुकदमा दायर कर दिया...मुख्यमंत्री राहुल गांधी !
खबर थी कि राहुल गांधी पार्टी या/और सरकार में बड़ी भूमिका निभाना चाहते हैं. बड़ी खबर थी कि राहुल गांधी बोले. एक तो वे बोलते...बदलाव का वाहक?
क्या उत्तर प्रदेश की जनता को उस बदलाव की झलक भी दिखाई दे रही है जिसकी उम्मीद वे अखिलेश से लगाए बैठे हैं? राजनीति की कई...12वीं की उम्र 5वीं का पाठ
राहुल और कांग्रेस के लिए आगे का रास्ता क्या हो इसके लिए उन्हें उस प्रदेश की ओर ही देखना होगा जिसे वे अपना कहते हैं...चतुर अन्ना, चित्त कांग्रेस
कैसे देश और समाज के लिए अपना सब कुछ निछावर करने की इच्छा रखने वाली अन्ना की छवि सिंहासन त्याग कर राज करने वाली राजनीति के मायावी प्रभाव पर भारी पड़ गई...- 'आप’ का क्या होगा?
- चिह्न पर प्रश्नचिह्न
- हरेक बात पे कहते हो तुम कि...
- ह्त्याग्रही गांधी!
- तो हमें तुम्हारी जरूरत ही क्या है मौलाना?
The article shows deliberate intent of the writer to attain 'fake greatness' by irrelevent analysis of occurances.
इस आलेख को पढ़ने के बाद मैंने तुरंत ही इसे अपने बुकमार्क सूचि में शामिल कर लिया।
संजय कुमार
सुरुचिपूर्ण, व्यवस्थित और ज्ञानवर्धक आलेख है।
सर, मैं आपके इस लेख की प्रशंसा किन शब्दों में करूँ, समझ में नहीं आ रहा है।
नए लेखकों के ...
संघ परिवार की गर्भनाल से बंधी भाजपा और अपने स्वार्थ की नाल लेकर भाजपा से बंधे वरुण गांधी से आप उम्मीद भी क्या कर सकते ...
एफएसएल के अतिरिक्त एनडीटीवी ने भी वरुण के भड़काऊ भाषणों वाली सीडी की जांच अमेरिका की एक स्वतंत्र फोरेंसिक लैब 'डिजिटल एविडेंस लीगल वीडियो सर्विसेज' ...


