मुलाक़ात
‘असली मर्द वह है जो ना भी सुन सकता हो’
महिलाओं के खिलाफ बर्बर हिंसा के हालिया मामलों ने चर्चित फिल्मकार और अभिनेता फरहान अख्तर को इतना झिंझोड़ा कि उन्होंने मेन अगेंस्ट रेप ऐंड डिसक्रिमिनेशन (मर्द) के नाम से एक सामाजिक अभियान शुरू करने का फैसला किया. इस पहल पर शोन सतीश बाबू से उनकी बातचीत के अंश.
'मुझे संघ का करीबी क्यों समझ लिया जाता है'
विदेशों में जमा काले धन और भ्रष्टाचार के खिलाफ अपने अभियान को आगे बढ़ाते हुए बाबा रामदेव 4 जून से अनशन पर बैठने वाले है और वे इसे सत्याग्रह का नाम दे रहे हैं. राजनीतिक दल बनाने की बात कहते हुए खुद सक्रिय राजनीति से दूर रहने की बात करने वाले बाबा रामदेव से रेवती लाल ने विस्तृत बातचीत की....- ‘सिर्फ कपूर होने की वजह से हम स्टार नहीं बने’
- ‘यांत्रिक माध्यमों ने लेखन की गंभीरता खत्म कर दी’
- हिंदी का अहित इसके अध्यापकों ने किया’
- ‘गिरोहों की जकड़बंदी से मुक्ति हो साहित्य ’
- "मथुरा रेप केस के बाद बलात्कार संबंधी कानूनों को मजबूत किया गया."
- ‘आरोपों पर कोई प्रमाण दिखाए तो उसी दिन लेखन छोड़ दूंगी’
- “यहां कोई चिंतित ही नहीं है”
- ‘यह एक लड़की के लिए लड़ रहे दो लड़कों की कहानी नहीं है. यह विचारधारा की लड़ाई है’
- ‘जरूरी नहीं कि जो नीतीश कहें उससे सबकी सहमति ही हो’
- ‘मुझे नामवर सिंह और मैनेजर पांडेय के प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं’
- ‘गालियों पर आपत्ति अभिजात साहित्यकारों को है’
- ‘जाति विरोधी साहित्य ही दलित साहित्य है’
- ‘90 फीसदी महिलाएं अपनी गुलामी का जश्न मनाती हैं’
- ‘निर्मम नहीं थे मेरे पिता’
- ‘दिल्ली के लेखक सत्ता के पिछलग्गू हैं ’
- ‘आज आलोचना चमचे पैदा करने का जरिया बन गई है’
- सुर कल्पना
- ‘धूमिल के बाद कोई ऐसा नहीं जिसकी कविता पर आलोचना लिखी जा सके’
- 'मुझे नकल मर्डर बनानी पड़ी ताकि ओरिजिनल गैंगस्टर बना सकूं'
- कल्कि कथा
- 'आप’ का क्या होगा?
- चिह्न पर प्रश्नचिह्न
- हरेक बात पे कहते हो तुम कि...
- ह्त्याग्रही गांधी!
- तो हमें तुम्हारी जरूरत ही क्या है मौलाना?
The article shows deliberate intent of the writer to attain 'fake greatness' by irrelevent analysis of occurances.
इस आलेख को पढ़ने के बाद मैंने तुरंत ही इसे अपने बुकमार्क सूचि में शामिल कर लिया।
संजय कुमार
सुरुचिपूर्ण, व्यवस्थित और ज्ञानवर्धक आलेख है।
सर, मैं आपके इस लेख की प्रशंसा किन शब्दों में करूँ, समझ में नहीं आ रहा है।
नए लेखकों के ...
संघ परिवार की गर्भनाल से बंधी भाजपा और अपने स्वार्थ की नाल लेकर भाजपा से बंधे वरुण गांधी से आप उम्मीद भी क्या कर सकते ...
एफएसएल के अतिरिक्त एनडीटीवी ने भी वरुण के भड़काऊ भाषणों वाली सीडी की जांच अमेरिका की एक स्वतंत्र फोरेंसिक लैब 'डिजिटल एविडेंस लीगल वीडियो सर्विसेज' ...


