तहलका हिन्दी: तहक़ीक़ात आज नकद कल फसाद-1 ================================================================================ Sanjay Dubey on 17/05/10 07:17:00 आप श्री राम सेना से कभी भी और कहीं भी दंगे करवा सकते हैं बस आपके पास सही कीमत अदा करने की कुव्वत होनी चाहिए. पुष्प शर्मा की तहकीकात. लेखिका संजना आज नकद कल फसाद-2 ================================================================================ Sanjay Dubey on 18/05/10 07:42:00 कुछ ही मिनट बाद भवानी तहलका से पैसों की बातचीत करने लगता है. 'मुझे एक आंकड़ा बताओ ताकि मैं सर (मुथालिक) से बात कर सकूं,' झूठे सपनों का सौदागर ================================================================================ Sanjay Dubey on 22/02/10 08:27:00 भारत में हजारों करोड़ रुपए के गैरकानूनी लॉटरी व्यवसाय के बारे में तो बहुत से लोग जानते हैं लेकिन इसे चलाता कौन है यह कम सेहत की आड़ में सेहत से खिलवाड़ ================================================================================ Sanjay Dubey on 18/03/10 07:27:00 कैंसर से बचाने के लिए हजारों गरीब बच्चियों को एक विवादित टीका लगाया जा रहा है और ऐसा करने के लिए सरकार, कंपनियां और गैरसरकारी संगठन नियम-कायदों की धज्जियां उड़ा रहे हैं. शांतनु गुहा रे और कुणाल मजूमदार की रिपोर्ट मकोका का मकड़जाल ================================================================================ Sanjay Dubey on 21/01/10 01:02:00 किसी का आपपर लगाया एक आरोप ही, इस कानून के तहत आपको महीनों और कभी-कभी तो सालों जेल में सड़ाने के लिए पर्याप्त है. मकोका नाम के इस मकड़जालरूपी कानून की भयावहता और इसमें फंसे लोगों की विवशता पर अजित साही और राना अय्यूब की दो महीने लंबी पड़ताल संस्कृति के नाम पर ================================================================================ Sanjay Dubey on 03/07/09 09:08:00 राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सोशल इंजीनियरिंग परियोजना के तहत बच्चों को मेघालय से कर्नाटक लाया जा रहा है और उन्हें उनकी मूल संस्कृति से काटकर आतंक के मोहरे या बलि के बकरे ? ================================================================================ Sanjay Dubey on 01/08/08 04:32:00 अहमदाबाद धमाकों के बाद एक मौलाना की संदिग्ध गिरफ्तारी तो केवल बानगी भर है. तीन महीने की गहन पड़ताल के बाद ऐसे ही तमाम मामलों पर रोशनी डालती अजित साही की रिपोर्ट.