राष्ट्रीय
यह शहर नहीं दिल्ली है
100 साल की अल्हड़ राजधानी दिल्ली आज भी दिलवालों का शहर है या दिल के बीमारों का या फिर कुछ और? गौरव सोलंकी की रिपोर्ट
चिदंबरम पर एक और चिट्ठी वार
पूर्व वित्त सचिव डी सुब्बाराव के नोट से गृहमंत्री पी चिदंबरम की मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं. आशीष खेतान की रिपोर्ट...मंजिल की राह हुई मुश्किल
दो महीने पहले तक पंजाब में सत्ता की सबसे तगड़ी दावेदार मानी जा रही कांग्रेस टिकट बंटवारे की गलतियों और मनप्रीत सिंह बादल की पार्टी को मिलती मजबूती की वजह से अकाली-भाजपा गठबंधन से बराबरी की टक्कर में आ गई है. हिमांशु शेखर की रिपोर्ट...खुदरा खैर करे
रिटेल क्षेत्र में एफडीआई के फैसले को सरकार ने ठंडे बस्ते में डाल दिया है. मगर क्या यह हमारे हर मर्ज की दवा है जैसा कि सरकार हमें समझाती रही है? सुधीरेंद्र शर्मा का आकलन ...जिंदगी की पिराई
कानून के मुताबिक बंधुआ मजदूरी भले ही अपराध हो लेकिन महाराष्ट्र के मराठवाड़ा में गन्ना मजदूरों के पास इसके अलावा कोई विकल्प नहीं है. शिरीष खरे की रिपोर्ट...सुब्रमण्यम सुनामी
गंभीर अर्थशास्त्रियों को भी वे अपने उतने ही करीब लगते हैं जितने उग्र दक्षिणपंथियों को. अकेले दम पर कांग्रेस को नाकों चने चबवाने वाले सुब्रमण्यम स्वामी की विरोधाभासी शख्सियत के तार टटोलती अशोक मलिक की रिपोर्ट...न्यायिक नियुक्ति का धनचक्कर
न्याय करने वाले जजों की नियुक्ति में भी उत्तर प्रदेश में रिश्वत मांगी जा रही है. न्याय व्यवस्था की जड़ खोदने वाले इस खेल के नेतृत्व का आरोप मायावती सरकार में बेहद रसूख वाले नौकरशाह कुंवर फतेह बहादुर पर लग रहा है. हिमांशु शेखर की रिपोर्ट...शशिकला की कलाकारी
वे कौन सी सच्चाइयां थीं जिन्होंने न सिर्फ तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता के पैरों तले जमीन खिसका दी बल्कि उन्हें इसके लिए मजबूर भी कर दिया कि वे लंबे समय से अपनी सबसे करीबी मित्र शशिकला को फौरन अपनी जिंदगी से बाहर कर दें? जीमॉन जैकब की रिपोर्ट...पंजाब चुनाव और पांच बदलाव
बृजेश सिंह पंजाब विधानसभा चुनाव की उन पांच अभूतपूर्व घटनाओं के बारे में बता रहे हैं जो न सिर्फ दिलचस्प रहीं बल्कि राज्य की राजनीति में व्यापक बदलाव का संकेत भी दे रही हैं...ग्रहण की चपेट में अधिग्रहण कानून
नए जमीन अधिग्रहण कानून के रास्ते उत्तर प्रदेश में राहुल गांधी की सियासी उड़ान को पंख लगाने की कांग्रेस की योजना स्थायी समिति की राजनीति में अटक गई है. हिमांशु शेखर की रिपोर्ट ...फीकी पड़ती मनमोहनी चमक
प्रधानमंत्री बनने के बाद पंजाब में मनमोहन सिंह की बढ़ी लोकप्रियता पर सवार कांग्रेस ने 2009 के लोकसभा चुनावों में अच्छा प्रदर्शन किया था. लेकिन इस विधानसभा चुनाव में हालत यह हो गई कि कांग्रेसी उम्मीदवारों में मनमोहन सिंह की कोई पूछ नहीं थी. हिमांशु शेखर की रिपोर्ट...उमा की उम्मीदवारी, भाजपा की मजबूरी
उत्तर प्रदेश में उमा भारती के जरिए भाजपा यादवों को छोड़कर बाकी ओबीसी तबके की सियासत को साधने की जुगत में है. जय प्रकाश त्रिपाठी की रिपोर्ट...लोकपाल और पांच सवाल
11 दिसंबर को टीम अन्ना ने फिर से साबित किया कि उनके आंदोलन की धार अभी कुंद नहीं हुई है. अब विपक्ष भी उनके साथ है. लिहाजा सरकारी लोकपाल पर टकराव की एक और जमीन पूरी तरह तैयार है. अतुल चौरसिया का आकलन ...'अन्ना हमारे नेता हैं. मैं तो बस उन्हें दफ्तरी मदद उपलब्ध करवाता हूं'
अरविंद केजरीवाल से बातचीत...‘हम सियासत करते हैं सौदा नहीं’
पंजाब में विकास के मुद्दे पर राज्य की मौजूदा सरकार से इस्तीफा देने वाले मनप्रीत सिंह बादल ने अपना नया दल पीपुल्स पार्टी ऑफ पंजाब बनाकर राज्य विधानसभा चुनावों को त्रिकोणीय मुकाबले में तब्दील कर दिया है. हिमांशु शेखर की उनसे बातचीत के मुख्य अंश...- काले कर्मों वाले बाबा
- आतंक के मोहरे या बलि के बकरे ?
- कब जागेंगे हम?
- कितनी लंबी यात्रा
- ख़ूबसूरत लड़कियां
kale karmon vale baba ki hakikat ojagar karne ke liye thanx TAHELKA
thlka me parkasit aalekh pathniy hi
narendra sharma
Dear Sir,
I want to have a back issue [2011] of your esteemed magazine: TEHELAKA Hindi, dated August 31, 2011 [Vol 3 issue 16]. I would ...
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Your post is very knowledgeable and helpful, thanks for sharing such a great post...


