तहलका हिन्दी: लंका में ही रहिए लंका में ही रहिए ================================================================================ Sanjay Dubey on 05/10/2009 07:27:00 चक्र सुदर्शन दीजे हमको आज्ञा, आज अयोध्या जायं, मित्र विभीषण, अब हमें पुष्पक से पहुंचायं. पुष्पक से पहुंचायं, जानकी संग हमारे, बोले राम- राक्षस हमने सब संहारे. चक्र सुदर्शन, दृश्य हुआ ऐसा बेदरदी, पुष्पक के पायलेटों ने स्ट्राइक कर दी. अशोक चक्रधर इस वर्ग की अन्य रचनायें