खुला मंच
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 लेफ्ट और ऐतिहासिक भूलें
 
यह विडम्बना ही है कि अपने को जनता का प्रतिनिधि कहने वाली लेफ्ट पार्टियाँ हमेशा से ऐतिहासिक भूलें करती आयी हैं. बाद में वो इसे तहे-दिल से स्वीकार भी करती आई है. कुछ-कुछ इस शक्ल में कि 'लो जी फिर ...
 इंसाफ के साथ बेइंसाफी
 
1976 में आपातकाल के दौरान एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले से सारा देश हैरान रह गया था. एडीएम जबलपुर के नाम से मशहूर इस मामले में अदालत का कहना था कि आपातकाल के दौरान किसी को भी जीवन ...
 मृत्युदंड को मृत्युदंड
 
आज दुनिया गहराई से मौत की सज़ा के उन्मूलन के बारे में सोच रही है। बीते साल नवंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा की तीसरी समिति ने भी मौत की सज़ा के कार्यान्वयन पर रोक लगाने का प्रस्ताव पारित किया था। ...
 जहां धर्म घुले-मिले और खिले
 
नवंबर 1989 की बात है. एक नौजवान पत्रकार के रूप में मैं भारत बस पहुंचा ही था कि कश्मीर में हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गए. इस घटना को कवर करने के लिए मुझे श्रीनगर भेजा गया. तब शायद ही किसी ...
 खेल देखो और खेल की रफ्तार...
 
आई पी एल की शुरुआत हो गई...पहला मैच बड़ी शान से कोलकाता या कहें कि शाहरुख खान की टीम ने जीत लिया... मगर मैच के बाद कौन जीता कौन हारा और कैसे जीता कैसे हारा जैसी हमेशा होने वाली बातों ...
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