फ़िल्में
कुल रचनायें: 5 | प्रदर्शित: 1 - 5
 जोधा अकबर-विवाद छोड़ें, फिल्म देखें
 
आखिरी मगर मुद्दे की बात सबसे पहले...अगर एक बढ़िया फिल्म देखने की इच्छा काफी दिनों से पूरी न हुई हो तो तुरंत समय निकालें और अपनी ये इच्छा पूरी कर लें. और अगर फिल्म की लंबाई, जोकि चार घंटे से ...
 'मिथ्या' तो है मिथ्या
 
फिल्म देख कर बाहर निकलते दर्शकों में से एक-‘कितना बढ़िया होता अगर ये फिल्म थोड़ा और छोटी होती’. दूसरा-'थोड़ी नहीं ज़्यादा भी हो सकती थी'. बात करने के तरीके और चेहरे के भावों से लग रहा था कि छोटा होने ...
 रामा रामा कैसा ड्रामा ?
 
रामा रामा का ड्रामा दरअसल पति पत्नी के संबंधों पर आधारित है. ऐसा लगता है कि इस तरह की भारतीय फिल्मों के किसी एनसाइक्लोपीडिया को पढ़ कर उसमें से पति पत्नी के बीच की गलतफहमियों, तकरार और उससे उपजे बिखराव ...
 स्ट्रेन्जर्स : पहली बॉल पर छक्का
 
गज़ब! जी हां नये ज़माने की फ़िल्मों में एक और नाम जोड़ने वाली एक फ़िल्म है स्ट्रेंजर्स। ये कहना कि स्ट्रेंजर्स हॉलीवुड की फ़िल्मों से प्रेरित है, नाइंसाफी होगी, निर्देशक आनंद राय की मेहनत पर्दे पर दिखती है, अपनी पहली ...
 एक बार आजा नचले
 
फ़िल्म चाहे कैसी भी हो मगर नब्बे के दशक वाली फिल्मों की खुराक पर पले-बढे हमारे जैसे लोग तो शायद उसे देखने जाएंगे ही. हर किसी के सपनों में आने वाली माधुरी ने इतने सालों बाद क्या जादू किया है? ...
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