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   एक डाल-डाल तो दूजा पात-पात
25 अप्रैल को आईपीएल का एक मैच खत्म होने के बाद श्रीसंत को थप्पड़ रसीद करने वाले हरभजन सिंह ने तुरंत अपने साथी खिलाड़ियों से सवाल पूछा-- "कितनी देर के लिए चैनलों ने विजुअल दिखाए?" रोते हुए श्रीसंत और उन्हें सांत्वना देते पंजाब किंग-11 के साथियों की इस फुटेज की अवधि करीब 32 सेकेंड थी। ये सुनते ही हरभजन अपने टीम मैनेजर लालचंद राजपूत से मुखातिब हुए। उन्होंने राजपूत से कहा कि वो ट्रांस वर्ल्ड इंटरनेशनल, जो कि मैच की कवरिंग कर रही थी, के लोगों से बात करें जो 25 कैमरों और कई विशेषज्ञों के साथ मैच का प्रसारण कर रहे थे।
"वो पिच की ऑडियो रिकॉर्डिंग की मांग कर रहे थे। हमने उनसे कहा कि बैट्समैन की तरफ का ऑडियो हमेशा तेज़ होता है जबकि दूसरी तरफ का धीमा होता है," टीडब्ल्यूआई के एक शीर्ष प्रोड्यूसर तहलका को बताते हैं। जानकार लोगों के मुताबिक श्रीसंत द्वारा मैदान में की जा रही फिकरेबाजी के सबूत हासिल करने की हरभजन की ये कोशिश बेकार हो गई। "वो पिच की ऑडियो रिकॉर्डिंग की मांग कर रहे थे। हमने उनसे कहा कि बैट्समैन की तरफ का ऑडियो हमेशा तेज़ होता है जबकि दूसरी तरफ का धीमा होता है," टीडब्ल्यूआई के एक शीर्ष प्रोड्यूसर तहलका को बताते हैं.
"हमने मैच के बाद खिलाड़ियों के आपस में हाथ मिलाने के दौरान देखा था कि श्रीसंत हरभजन से कुछ कह रहे थे इसके बाद थप्पड़ मारने की घटना हुई। लेकिन उस कहासुनी की रिकॉर्डिंग मिल ही नहीं सकती क्योंकि एक बार मैच खत्म हो जाने के बाद पिच रिकॉर्डर को बंद कर दिया जाता है," नाम गोपनीय रखने की शर्त पर एक प्रोड्यूसर बताते हैं।
इस गर्म मिजाज़ खिलाड़ी पर आईसीसी की आचार संहिता का उल्लंघन करने के आरोप में छह बार आर्थिक जुर्माना लगाया जा चुका है। मशहूर क्रिकेट लेखक पीटर रोबक ने एक बार उन्हें अनियंत्रित सिख लड़ाका करार दिया था। अब हरभजन को 11 आईपीएल मैचों के लिए प्रतिबंधित कर उनपर 2.16 करोड़ रूपए से ज़्यादा का जुर्माना थोप दिया गया है। इसके अलावा उन्हें विज्ञापन से होने वाली कमाई में भी एक करोड़ रूपए की चपत लगी है। ये घटना सिडनी टेस्ट में उनकी एन्ड्रयू साइमंड के साथ हुई भिड़ंत के कुछ ही दिनों के बाद हुई है। वहां हरभजन पक्के सबूतों के अभाव में नस्लवाद के आरोप से बच गए थे।
लेकिन इस बार कोई भी इस गर्ममिजाज़ खिलाड़ी के साथ खड़ा नज़र नहीं आ रहा। मुंबई इंडियंस टीम प्रबंधन ने भी प्रचार के पोस्टरों से भज्जी की तस्वीरें हटा दी हैं। मुंबई इंडियन की वेबसाइट www.themumbaiindians.com पर मौजूद टीम की सूची से भी भज्जी का नाम हटा दिया गया है। ये दूसरा मौका है जब भज्जी की तस्वीरें प्रचार अभियानों से हटाई गई हैं। पहली बार ऐसा दो साल पहले हुआ था जब हरभजन ने बिना पगड़ी पहने एक शराब का विज्ञापन किया था। तब उन्हें शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के गुस्से का निशाना बनना पड़ा था।
बहरहाल ये हरभजन के करियर के विराम का संकेत नहीं है। "हम बीसीसीआई के फैसले का पालन करेंगे, लेकिन अंतिम फैसले के वक्त तक हमें कुछ और बड़ी ख़बरें मिलने की उम्मीद हैं," ये कहना है मुबई इंडियंस के शीर्ष प्रबंधक और मशहूर क्रिकेट कमेंटेटर हर्षा भोगले का। थप्पड़ मामले की शुरुआती जांच के लिए बीसीसीआई ने वकील सुधीर नानवती को नियुक्त किया है। उम्मीद है कि दो हफ्ते के भीतर वो अपनी जांच रिपोर्ट सौंप देंगे।
जैसी कि उम्मीद है पर्दे के पीछे रणनीतियां ज़ोर-शोर से तैयार की जा रही हैं। मुंबई इंडियंस के कप्तान सचिन तेंदुलकर, जो अपनी ग्रोइन इंजरी के चलते अब तक कोई मैच नहीं खेल सके हैं, ने हरभजन से दो बार बात की है। भज्जी ने उन्हें बताया है कि किस चीज़ ने उन्हें थप्पड़ मारने के लिए उकसाया। यहां तक कि लालचंद राजपूत तक को भी श्रीसंत ने जो कहा था उसकी जानकारी नहीं है लेकिन कयासो के मुताबिक श्री ने घऱेलू मैदान में हार पर कुछ टिप्पणियां की थीं। मोहाली में बाउंड्रीलाइन के पास खड़े चश्मदीदों और टीम के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक श्रीसंत बार-बार चू....या शब्द का उपयोग कर रहे थे। "वो पिच की ऑडियो रिकॉर्डिंग की मांग कर रहे थे। हमने उनसे कहा कि बैट्समैन की तरफ का ऑडियो हमेशा तेज़ होता है जबकि दूसरी तरफ का धीमा होता है," टीडब्ल्यूआई के एक शीर्ष प्रोड्यूसर तहलका को बताते हैं.
सूत्र बताते हैं कि खुद सचिन तेंदुलकर घटना के गवाह थे और इसे लेकर काफी परेशान भी थे लेकिन उन्होंने किसी तरह का आरोप न लगाने का फैसला किया। "अगर सचिन ने आरोप लगाए होते तो स्थितियां बिल्कुल अलग होती। हम मैच दर मैच हारते जा रहे थे और मैच रेफरी के सामने अपना पक्ष मजबूती से रखने की हमारी मन:स्थित नहीं थी। हमें ऐसा करना चाहिए था," अपनी टीम के समर्थन में रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के एक वरिष्ठ अधिकारी ये दलील देते हैं।
बीसीसीआई के उच्च पदस्थ सूत्र तहलका को बताते हैं कि राजस्थान रॉयल्स के युसुफ पठान एक मैच पहले खुद के ऊपर अश्लील फिकरे कसने का आरोप श्रीसंत पर लगा सकते हैं। श्रीसंत द्वारा आउट किए गए मुंबई इंडियन के आखिरी बल्लेबाज मुसाविर खोटे को भी उनके टीम प्रबंधन ने जांच में शामिल होने के लिए कह दिया है। इसके अलावा श्रीसंत की फब्तियों पर अपनी नाराज़गी जता चुके अंपायर अमीष साहेबा और अलीम डार से भी पूछताछ हो सकती है। मोहम्मद कैफ को भी जांच के दौरान पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। एक मैच में श्रीसंत ने उनके तरफ मुंह टेढ़ा करके इशारे किए थे। मज़े की बात ये है कि श्रीसंत चेन्नई सुपर किंग से हुए एकमात्र मुकाबले में शांत नज़र आए था। कहीं ऐसा तो नहीं कि इसकी वजह धोनी थे जिनकी कप्तानी में श्री को टीम इंडिया की तरफ से खेलना है?
किसी के पास जवाब नहीं है। लेकिन एक बात साफ है कि दोनों गर्ममिजाज खिलाड़ी गहरे संकट में फंस गए हैं। "दोनों गालियां बकने के आदी हैं। मैंने श्री को एक बार एबी डी विलियर्स को करीब एक मिनट तक लगातार गरियाता हुए देखा है," दक्षिण अफ्रीका के कोच मिकी ऑर्थर कहते हैं। वो कानपुर का एक मैच याद करते हैं जहां हरभजन सिंह ने एश्वेल प्रिंस को गालियां दी थीं। "मैच रेफरी रोशन महानामा ने इसकी सुनवायी की और भज्जी को प्रिंस से माफी मांगनी पड़ी थी।"
ईएसपीएन-स्टार स्पोर्ट्स के कमेंटेटर गौतम भिमानी भी इससे सहमत हैं, "छींटाकशी क्रिकेट में एक आम बात है, लेकिन हाथापायी के बारे में तो सोचा भी नहीं जा सकता।"
ईएसपीएन-स्टार स्पोर्ट्स के कुछ लोग एक घटना के बारे में बताते हैं--एक बार श्रीसांत ने कैमरे की तरफ गेंद को उछालते हुए कहा था, "तुम लोग देखना, एक दिन मैं भारत के लिए खेलूंगा।" उन्हें ये भी याद है कि कैसे सिंह ने कुर्सियों को लात मार कर अपना गुस्सा ज़ाहिर किया था जब उनकी बीच की उंगली में फ्रैक्चर, जिसे दरअसल उन्होंने छुपाया था, का पता चलने के बाद उन्हें भारत वापस लौटने के लिए कह दिया गया था। ये अतीत की बातें हैं लेकिन इन दोनों गर्ममिजाज़ खिलाड़ियों का वर्तमान भी इससे कुछ ख़ास अलग नहीं दिखता।
शांतनु गुहा रे























