महिला आरक्षण का मूल
कौन समर्थक, कौन विरोधी, बात जाओ ये भूल.
                   पूरा पढें...

संकलन

Mo Tu We Th Fr Sa Su
1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031

  • print प्रिंट करें

   'C' नहीं अब 'K' फॉर क्रिकेट

फॉन्ट आकार Decrease font Enlarge font
image

नाम में क्या रखा है? जवाब है बहुत कुछ अगर ये अंग्रेजी के के अक्षर के साथ शुरू होता हो. एकता कपूर, अमिताभ बच्चन और स्टार प्लस का मेल कई साल पहले कौन बनेगा करोड़पति, क्योंकि सास भी कभी बहू थी, कहानी घर घर की.....जैसे लोकप्रिय सीरियल्स के जरिये इस बात को साबित कर चुका है. अब एक दूसरा चैनल के के इस चमत्कार को दोहराने की कवायदों में लगा है. अबकी बार इस के को क्रिकेट की अंग्रेजी वर्तनी में जोड़ दिया गया है और इसलिए ये बन गया है ‘K’ricket. 

इसे के फैक्टर की वापसी भी कहा जा सकता है. अगले महीने जब इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) क्रिकेट सीरीज शुरू हो रही होगी तो हर चीज नई होगी. यूनिफॉर्म, ट्रॉफी और यहां तक कि मैचों का शेड्यूल भी. इन मैचों के प्रसारण का अधिकार सोनी इंटरटेनमेंट टेलीविजन के स्पोर्ट्स चैनल सेट मैक्स को मिला है जिस पर सोमवार से शुक्रवार तक रात के आठ से ग्यारह बजे तक आईपीएल का जलवा बिखरेगा. 

हैरानी की बात नहीं कि ये वक्त के अक्षर वाले सास-बहू धारावाहिकों के प्रसारण समय से मेल खाता है. सेट मेक्स ने ये सुनिश्चित करने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी है कि उसका ये दांव स्टार प्लस के केबीसी जैसा सफल साबित हो. मैच से पहले एक घंटे का लाइव मनोरंजन कार्यक्रम रखा गया है जिसके लिए फिल्म स्टार शाहरूख खान ने हामी भर दी है. लीग के सीईओ सुंदर रमन कहते हैं, इसमें कोई शक नहीं कि आईपीएल प्राइम टाइम के दूसरे कार्यक्रमों के दर्शकों को अपनी तरफ खींचेगा. चाहे वो बच्चे हों या युवा या फिर महिलाएं, क्रिकेट में हर वर्ग के लोगों को आकर्षित करने की क्षमता है. यह हालिया ट्वेंटी-20 विश्व कप की सफलता से साबित भी हो चुका है.” 

इसे के फैक्टर की वापसी भी कहा जा सकता है. अगले महीने जब इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) क्रिकेट सीरीज शुरू हो रही होगी तो हर चीज नई होगी. यूनिफॉर्म, ट्रॉफी और यहां तक कि मैचों का शेड्यूल भी.

मगर क्या ये सफलता 2008 में भी दोहराई जा सकेगी? के फैक्टर वाले सास-बहू धारावाहिकों के दौरान लंबे समय तक स्टार प्लस के मुखिया रहे पीटर मुखर्जी हिचकिचाहट भरे सुर में कहते हैं, सामान्य मनोरंजन के लिहाज से देखें तो ये एक नई चीज है और मुझे लगता है कि ये काफी बढ़िया है. मगर अभी ये कहना जल्दबाजी होगी कि लोगों की इस पर क्या प्रतिक्रिया रहती है. इस सवाल का जवाब अब भी वक्त की मुट्ठी में है.” 

मुखर्जी को लगता है कि सीरीज की लंबाई इसकी सफलता को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकती है. वो कहते हैं, अगर ये हफ्ते में एक-दो दिन की बात होती तो मामला दूसरा होता. मगर ये लगातार पांच रातों की बात है और ऐसी तीस रातें हैं. दर्शकों के लिए ये एक बिल्कुल दूसरी तरह का अनुभव होगा.” 

सेट मैक्स की एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेजीडेंट और बिजनेस हेड स्नेहा रजनी कहती हैं, (लीग का) शेड्यूल हमने नहीं बनाया है मगर ये हमारे हित में ही है. मैचों को प्राइम टाइम में रखना बीसीसीआई का फैसला है.” 

फैसला चाहे किसी का भी हो ये तो तय है कि सेट मैक्स विज्ञापनों के जरिये अकूत कमाई करने वाला है. खबरें उड़ रही हैं कि वोदाफोन और ह्यूंदेई जैसी कई कंपनियों ने विज्ञापनों के लिए सात करोड़ रुपये तक की रकम खर्च की है. 

रजनी को विश्वास है कि मैदान पर हो रहा ड्रामा रात को प्रसारित होने वाले दूसरे धारावाहिकों के दर्शकों को उनके चैनल की तरफ खींचने में कामयाब रहेगा. वो कहती हैं, ये ट्वेंटी-20 संस्करण है. इसमें रोमांच है और दर्शकों ने पहले भी इसे हाथों-हाथ लिया है.” 

जाने-माने विज्ञापन निर्माता और मैकेन के एक्जीक्यूटिव चेयरमैन प्रसून जोशी कहते हैं, अगर ये प्राइम टाइम के दोरान होगा तो निश्चित रूप से ज्यादा लोग इसे देखेंगे. आईपीएल ब्रांड निर्माण की एक बड़ी कवायद साबित होने जा रहा है. हमें इसमें रोमांच पैदा करना है. भारत में अभी तक क्लब क्रिकेट की संस्कृति नहीं है इसलिए आईपीएल की सफलता का दारोमदार सभी पर टिका है. प्रसून टीम मोहाली के लिए कैंपेन की अगुवाई कर रहे हैं. 

भारत में क्लब क्रिकेट की सफलता पर कोई संदेह नहीं क्योंकि क्रिकेट के कट्टर प्रशंसक तो इसे देखेंगे ही. और अगर प्राइम टाइम और के फैक्टर का फॉर्मूला बड़ी संख्या में महिला दर्शकों को भी अपनी ओर खींच पाने में सफल हो जाता है तो फिर सोनी की पांचों उंगलियां घी में और सर कढ़ाई में. 

मॉर्गन हैरिंग्टन

अपनी राय दें comment कुल टिप्पणियां: 0