मशहूर लोगों के अंतरंग कोने
अब कई मशहूर हस्तियाँ अपनी बात को सही तरीके से रखने और अपनी भडास निकालने से लेकर फ़िल्म की पब्लिसिटी तक ब्लॉगिंग का इस्तेमाल करने लगी हैं...ऐसे ही कई अंतरंग कोनों का परिचय कराता निशा सूज़न का ये दिलचस्प लेख...
पर्सनल डायरी की तरह ही ब्लॉग्स भी व्यक्तित्व की झलक देते हैं और उन्हें पढ़ना ब्लॉगर की जिंदगी में झांकने जैसा ही अनुभव देता है. जो लोग नियमित रूप से ब्लॉग पढ़ते हैं अगर आप उनसे उनके रुटीन के बारे में पूछें तो पता चलेगा कि वे पहले उन लोगों के ब्लॉग्स पढ़ते हैं जिन्हें वे जानते और पसंद करते हैं. इसके बात बारी आती है उन लोगों की जिन्हें वे जानते तो हैं पर पसंद नहीं करते. आखिर में नंबर आता है उन लोगों के ब्लॉग्स को पढ़ने का जो उनके लिए पूरी तरह से अजनबी होते हैं.
| बिपाशा के ब्लॉग पर एक नजर डालें तो इसमें वह लगभग शेखी बघारते हुए बेन किंग्सले और सिएना मिलर जैसे बड़े नामों से अपनी मुलाकात का जिक्र कर खुद को अंतरराष्ट्रीय पहचान देने की कोशिश करती नजर आती हैं. हालांकि उन्होंने डाइटिंग और जॉन अब्राहम पर भी लिखा है लेकिन ये लेख रोज अखबारों में छपने वाली किसी दूसरी फिल्मी गॉसिप की तरह लगते हैं. |
ब्लॉग्स और मशहूर शख्सियतों का साथ स्वाभाविक ही ही है. क्योंकि इसके माध्यम से वो अपनी बात अपने तरीके से रख पाते हैं. बीच में खेल बिगाड़ने वाला मीडिया जो नहीं होता. अभिनेत्री बिपाशा बसु के ब्लॉग पर एक नजर डालें तो इसमें वह लगभग शेखी बघारते हुए बेन किंग्सले और सिएना मिलर जैसे बड़े नामों से अपनी मुलाकात का जिक्र कर खुद को अंतरराष्ट्रीय पहचान देने की कोशिश करती नजर आती हैं. हालांकि उन्होंने डाइटिंग और जॉन अब्राहम पर भी लिखा है लेकिन ये लेख रोज अखबारों में छपने वाली किसी दूसरी फिल्मी गॉसिप की तरह लगते हैं. बिपाशा ने पिछले कुछ महीनों से अपने ब्लॉग पर कोई नई पोस्ट नहीं डाली है लेकिन पहले भी उसमें कुछ ऐसा नहीं था कि उन्हें इस दुनिया में विचरण करने वाले मिस कर रहे हों.
आमिर खान ने फिल्म लगान की डीवीडी के प्रचार के लिए अपना ब्लॉग शुरू किया था लेकिन ये जल्द ही एक जानी-मानी और सफल शख्सियत का अंतरंग कोना बन गया. आमिर नियमित रूप से लिखते हैं. वह अपनी एक्टिंग के बारे में भी चर्चा करते हैं और अपनी कई आने वाली फिल्मों से जुड़ी जानकारी भी बांटते हैं. आमिर का लहजा दोस्ती और गर्मजोशी वाला होता है और वह कई लोगों के साथ लगातार संपर्क में रहते हैं. एक उदाहरण देखिए, “धन्यवाद सुशील, जानकर अच्छा लगा कि आपके छोटे भाई का स्वास्थ्य सुधर रहा है. हां, मुझे लीलावती अस्पताल में बिताया गया वक्त याद है. मेरे मैनेजर आशीष दो महीने से भी ज्यादा आईसीयू में थे. ऊपर वाले की दया से उनकी हालत में सुधार आया और अब वह बिल्कुल ठीक हैं. काश तुम उस समय मुझसे मिलने आए होते तो मुझे तुम्हारे भाई से मिलने में खुशी होती. उसे मेरा हाय कहना.”
26 जुलाई को वह लिखते हैं, “कौन था जिसने ‘सिटी ऑफ जिन्स’ पढ़ने की सलाह दी थी? मुझे याद आ रहा है कि एक पोस्ट में विलियम डैलरिंपल द्वारा लिखी गई इस किताब का जिक्र किया गया था. लगता है कि शायद ये मीरा थी. खैर, मैंने अभी-अभी ये किताब खत्म की है और इसे पढ़ना काफी अच्छा अनुभव रहा. मैं पढ़ने के शौकीन और इतिहास में दिलचस्पी रखने वाले सभी लोगों को इसे पढ़ने की सलाह दूंगा.”
पूरे देश में इस किताब की बिक्री बढ़ गई. आठ अक्टूबर को आमिर ने ऐलान किया कि वह अस्थाई तौर पर बनाए गए लगान ब्लॉग से आमिरखान डॉट काम पर शिफ्ट कर रहे हैं. महज चार महीने पहले ब्लागिंग की दुनिया में कदम रखने वाले किसी शख्स के लिए वाकई ये बड़ा कदम है. आमिर खान अब पूरी तरह से ब्लॉगिंग के रंग में रंग गए हैं.
| आमिर नियमित रूप से लिखते हैं. वह अपनी एक्टिंग के बारे में भी चर्चा करते हैं और अपनी कई आने वाली फिल्मों से जुड़ी जानकारी भी बांटते हैं. आमिर का लहजा दोस्ती और गर्मजोशी वाला होता है और वह कई लोगों के साथ लगातार संपर्क में रहते हैं. |
भारतीय हस्तियों के ब्लॉग्स कोई चौंकाने वाली जानकारियां तो नहीं मगर लेकिन ज्यादातर काफी दिलचस्प होते हैं. मसलन राहुल खन्ना वैसे तो कभी-कभार ही कुछ लिखते हैं, पर उतने से ही पता चल जाता है कि लिखने में उन्हें आनंद आता है. हालांकि आप उनकी रचनाओं के शीर्षक और उनकी शुरुआत देखेंगे तो सोचने लगेंगे कि कुछ चटपटा सा पढ़ने को मिलेगा. मसलन ‘प्लेइंग द फील्ड’ के शीर्षक से लिखे एक लेख की शुरुआत होती है बहुविवाह से, लेकिन लेख होता है न्यूयार्क के अपार्टमेंट्स को लेकर उनके जुड़ाव पर.
एक और ब्लॉगर सुचित्रा कृष्णमूर्ति ईमानदारी से पेंटिंग्स, सेक्स को लेकर बदलते दृष्टिकोण और प्रसिद्धि को लेकर अपनी बेचैनी के बारे में बताती हैं. ब्लॉग की एक पोस्ट पढ़कर पता चलता है कि सुचित्रा की पांच साल की बेटी इस बात को लेकर चिंता में है कि उसकी मां उतनी स्लिम नहीं है जितना उसे होना चाहिए. कृष्णमूर्ति को एक जानी-मानी शख्सियत से जुड़ाव या फिर पॉप प्रिसेंज की छवि की वजह से जाना जाता है. कृष्णमूर्ति का ब्लॉग अपने आप में दिलचस्प है. लेकिन अगर आप इसे उनके पति शेखर कपूर से कड़वाहट के बाद अलग होने की खबर के साथ या फिर शेखर कपूर के ब्लॉग के साथ पढ़ें तो यह वाकई बांधने वाली चीज है. सुचित्रा का ब्लॉग पढ़कर ही आपको पता चल सकता है कि म्यूजिक वीडियो में प्यारे से टैडी बियर के साथ दिखने वाली इस मासूम सी गुड़िया को भयंकर गुस्सा भी आता है.
फिल्ममेकर अनुराग कश्यप का तीन साल पुराना ब्लॉग पैशनफॉरसिनेमा डॉट कॉम काफी हद तक दूसरे ब्लॉग्स के उलट है. उनके चटख व्यक्तित्व की झलक देते इस ब्लॉग्स में कश्यप की एक पोस्ट पर कई बार 4,000 कमेंट्स तक आते हैं. आमिर खान के प्रशंसक अगर ऐसे हैं जो नम्र हैं और उन्हें आदर देते हैं तो कश्यप के पाठक सिनेमा में गहरी रुचि रखने वाले ऐसे लोग होते हैं जो कई बार कश्यप को कैपिटल लैटर्स में लिखने पर इसलिए झाड़ पिला देते हैं कि उन्होंने ऑनलाइन शिष्टाचार या नैटीकेट्स का ख़याल नहीं रखा.
कश्यप का ब्लॉग घटनाओं और नाटकीयता से भरा पड़ा है. 11 सितंबर की दोपहर को लिखे गए एक लेख में वह एक पत्रकार की निंदा करते नजर आते हैं जो दिन भर ये पूछने के लिए फोन करता रहा कि क्या नो स्मोकिंग का ट्रेलर इसलिए हटा लिया गया क्योंकि वह किसी को समझ नहीं आ रहा था. वह फिल्म समीक्षक खालिद मोहम्मद को यह अफवाह फैलाने के लिए जिम्मेदार मानते हैं. वह लिखते हैं, “मेरा डिटेक्टिव दिमाग कहता है कि मिस्टर खामख्वाह मोहम्मद बदला चाहते हैं...लेकिन फैलाने के लिए ये क्या बचकानी अफवाह है.” आधी रात तक इस पर हजारों कमेंट्स आ जाते हैं. इनमें से एक उस शख्स का भी है जो खुद के मोहम्मद खालिद होने का दावा करता है. इस शख्स के कमेंट के जवाब में वह लिखते हैं, “अरे सॉरी यार!...मैं कभी अच्छी फिल्में नहीं बना पाउंगा. सॉरी.”
| हैरानी की बात नहीं कि कश्यप को आमिर खान के मुकाबले चार गुना ज्यादा कमेंट्स मिलते हैं. हालांकि जरूरी नहीं कि ज्यादा कमेंट्स का मतलब ज्यादा पाठकसंख्या हो. |
हैरानी की बात नहीं कि कश्यप को आमिर खान के मुकाबले चार गुना ज्यादा कमेंट्स मिलते हैं. हालांकि जरूरी नहीं कि ज्यादा कमेंट्स का मतलब ज्यादा पाठकसंख्या हो. लेकिन बात कुछ ऐसी है कि फिल्ममेकिंग को लेकर कश्यप का जुनून बराबर मात्रा में उतने ही जुनूनी पाठकों को आकर्षित करता है. शायद इसीलिए हाल ही में पैशन फॉर सिनेमा ने एक ऑनलाइन फिल्म फेस्टिवल की घोषणा की है. वन-मिनट फिल्म फेस्टिवल के विजेताओं को कश्यप और पैशन फॉर सिनेमा के सदस्य दूसरे फिल्मकारों के साथ काम करने का मौका मिलेगा.
वैसे अगर आप थोड़ा गौर से इन हस्तियों के ब्लॉग पढ़ेंगे तो आपको ये भी पता चलेगा कि इंसानी कमजोरियों के परे आदर्श दिखने वाली शख्सियतों के लिबास में भी सलवटें हो सकती हैं. मसलन तीन अक्टूबर को लिखी गई दीपक चोपड़ा की पोस्ट देखें जिसमें गुस्से पर काबू पाने के तरीके सिखाने वाले मशहूर आध्यात्मिक गुरू दीपक चोपड़ा खुद क्रोध में नजर आते हैं. इसमें वह एक ऐसे पाठक को हड़का रहे हैं जो अलौलिक घटनाओं में उनके विश्वास को लगातार चुनौती दे रहा था.
आंध्र प्रदेश के गांवों से कई बच्चे हर हफ्ते भागकर हैदराबाद पहुंचते हैं...इस उम्मीद में कि क्या पता उनकी चिरंजीवी से मुलाकात हो जाए. सेलिब्रिटी ब्लॉग्स पढ़ना भी ऐसा ही है. आप सोचने लगते हैं कि क्या पता, कभी आपके कमेंट पर आपकी पसंदीदा शख्सियत आपको खासतौर पर संबोधित कर कुछ कह दे और आपके लिए वह क्षण यादगार हो जाए.
हो सकता है कई लोग इस लेख को पढ़ते-पढ़ते ही नेट के ज़रिये अपने पसंदीदा सितारों की अंतरंग दुनिया का हिस्सा बनने के लिए चले गए हों. ये है ही इतना आसान और इंटरनेट है ही ऐसे अभिनव प्रयोगों की अनोखी दुनिया.
अंतरंग कोनों यानी कि ब्लॉग्स के पते: बिपाशा बासु http://www.bipashabasunet.com/ आमिर खान http://www.aamirkhan.com/ सुचित्रा कृष्णमूर्ती http://www.intentblog.com/author.php?author=Suchitra Krishnamoorthi अनुराग कश्यप http://www.passionforcinema.com/author/anurag |






















