चाट मसाला
कुल रचनायें: 5 | प्रदर्शित: 1 - 5
 "ये मेरा सबसे ईमानदार काम है"
 
नसीरुद्दीन शाह, अपने ज़िंदगी की कई दूसरी बातों के साथ ये भी बताते हुए कि हाल ही में भारत में रिलीज़ होने वाली पाकिस्तानी फिल्म ‘खुदा के लिए’, उनकी अब तक की सबसे महत्वपूर्ण फिल्म क्यों है? कई सालों तक मेरे ...
 देसी फिल्में, फिरंगी दीवाने
 
भारत की अपनी यात्रा के दौरान जर्मन पत्रकार बर्गिट पेस्टल एक ऐसी जगह पहुंचती हैं जहां किसी फिल्म की शूटिंग चल रही है. वो वियना में मौजूद बारबरा स्कोडा को फोन कर पूछती हैं, “यहां पर एक गाना फिल्माया जा ...
 हमका अइसा-वइसा ना समझो
 
शहर की अमीरज़ादी गांव के गरीब स्वाभिमानी छोरे पर मर मिटती है। प्रेमी युगल, लड़की के शातिर बाप को छका कर, जो कि उसे घर जमाई बनाना चहता है, उंच-नीच की इस खाई को पाट देते हैं। एक दूसरी कहानी ...
 जोधा-अकबर या जोधा-जहांगीर
 
इतिहास पर आधारित बॉलीवुड फिल्मों और विवादों में चोली-दामन का साथ रहा है. आखिर क्या हैं इसकी वजहें, जानने के लिए हमने बात की कुछ इतिहासकारों और दूसरे जानकारों से . 1960 में जब के आसिफ ने मुगले आज़म बनाई तो प्रचलित ...
 70 का दशक...मगर कहां
 
साल खत्म होने को था. हमसे कहा गया कि फराह खान की ओम शांति ओम, संजय लीला भंसाली की सांवरिया को टिकट खिड़की पर बुरी तरह से पछाड़ कर "भारतीय सिनेमा के इतिहास में सबसे कमाऊ फिल्म" हो गई है। ...
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