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   चलें नहीं अब उड़ें...
तो आप एक नई कार खरीदने की सोच रहे हैं, एक नये मॉडल की कार जो आपकी पिछली कार से बड़ी और बेहतर होगी. एक ऐसी कार जो आरामदायक तो होगी ही साथ ही दुनिया के सामने आपकी सफलता के झंडे भी गाड़ेगी. क्या ये सब कुछ सुनासुनाया सा नहीं लगता? अगर ऐसा है तो एक हवाई जहाज़ खरीदना कैसा रहेगा?
“लोग नहीं जानते हैं कि वो वाकई में एक हवाई जहाज़ खरीद सकते हैं. कोई छोटा-मोटा शौकिया मशीन नहीं बल्कि एक पूरे का पूरा जहाज़”, कोलकाता स्थित एयरोटेक एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक पार्था प्रतीम दत्ता मजूमदार बताते हैं. वो उत्साह के साथ जोड़ते हैं कि ये परिवर्तन आने ही आने वाला हैं. वे चाहते हैं कि ये हरेक को पता लगे कि अब वो भी एक हवाई जहाज़ का मालिक बन सकता है और वो भी आसान मासिक किश्तों पर बिल्कुल किसी कार की तरह.
असल में केवल चार लाख की शुरुआती रकम चुका कर---15 लाख की कीमत की स्कोदा कार के लिए भी लगभग इतना ही डाउन पेमेंट करना पड़ सकता है—आप एक सेसना 172 हवाई जहाज़ के मालिक बन सकते हैं. मार्च 2008 से एयरोटेक ने आईसीआईसीआई बैंक के साथ हाथ मिला लिए हैं जिसके तहत बैंक एयरोटेक एयरोस्पेस से खरीदे जाने वाले विमानों को फाइनेंस किया करेगा. दत्ता मजूमदार के मुताबिक आपकी कंपनी की वित्तीय अवस्था और शौहरत के हिसाब से फाइनेंस की रकम कुल कीमत की 50 से 85% तक हो सकती है. असल में केवल चार लाख की शुरुआती रकम चुका कर---15 लाख की कीमत की स्कोदा कार के लिए भी लगभग इतना ही डाउन पेमेंट करना पड़ सकता है—आप एक सेसना 172 हवाई जहाज़ के मालिक बन सकते हैं.
आईसीआईसीआई बैंक के ट्रैवल और टूरिज़्म विभाग की वरिष्ठ प्रबंधक एकता कथोटिया दोनों कंपनियों में हुए करार की बात को स्वीकारते हुए इसे एक अनूठी सेवा बताती हैं. करार हुए अभी कुछ दिन भी नहीं बीते मगर बैंक अब तक तीन हवाई जहाज़ और दो हैलिकॉप्टरों को फाइनेंस कर चुका है. वो बताती हैं कि एयरोस्पेस की सिफारिश और जहाज़ की स्थिति को ध्यान में रखते हुए आईसीआईसीआई ग्राहक की ऋण लेने की क्षमता का निर्धारण करता है और ब्याज़ की दर 11 से 13 प्रतिशत तक होती है.
देश भर में इस तरह के करीब 50 विमान हैं जिनमें से सबसे ज़्यादा महाराष्ट्र में हैं और उनमें से भी 18 केवल पुणे में ही हैं. दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बंगलुरु और हैदराबाद का स्थान इसके बाद आता है. इसके अलावा चेन्नै और कोलकाता इस मामले में कुछ पिछड़े से प्रतीत होते हैं. “शायद लोग यहां नई चीज़ों को स्वीकार करने में थोड़ा ज़्यादा समय लेते हैं.”, दत्ता मजूमदार कहते हैं और आगे जोड़ते हैं कि कोलकाता में उनके क्लाइंट्स की संख्या बढ़ तो रही है मगर इसकी रफ्तार थोड़ा कम है.
कोई हवाई जहाज़ खरीदे इससे पहले कुछ बातों को जान लेना ज़रूरी है : नागर विमानन विभाग के नियमों के मुताबिक कोई भी व्यक्ति निजी तौर पर विमान नहीं खरीद सकता है बल्कि ऐसा करने के लिए उसे एक कंपनी की आवश्यकता होती है फिर चाहे उसे ये विमान अपने निजी इस्तेमाल के लिए ही क्यों न खरीदना हो. दूसरा हवाई, जहाज़ खरीदने के लिए भारीभरकम काग़ज़ी कार्यवाही करनी पड़ती है इसलिए इस काम में किसी विशेषज्ञ की सहायता लेना एक अक्लमंदी भरा कदम होगा. संबंधित विशेषज्ञ आपकी ज़रूरत के मुताबिक विमान की पहचान करने में काफी मददगार साबित हो सकता है.
इसके बाद ज़रूरत पड़ती है खरीद के लिए धन मुहैया कराने वाले बैंक की जिसमें एयरोस्पेस जैसीं बैंकों के साथ जुड़ी कंपनियां आपका काम काफी आसान बना सकती हैं.
इस सबके बाद आपके पुष्पक विमान का बीमा कराने का वक्त आ जाता है. और अगर आप पात्र हैं तो आपको कई शहरों में विमान उड़ाने का लाइसेंस मिल सकता है नहीं तो आप एक पायलट के ज़िम्मे भी ये काम सौंप सकते हैं.
मगर एक अवैधानिक चेतावनी भी...विमान के मालिक बनने से आपको हवाईअड्डे जाते और वहां से आते समय उसी रेंग-रेंग कर चलने वाले ट्रैफिक से दो चार होना पड़ेगा जो हर महानगरीय जीवन का एक अभिन्न हिस्सा बन चुका है--हालांकि इस तरह के विमान शहर में या इसके बिल्कुल करीब बनी छोटी हवाई पट्टियों से भी उड़ान भर सकते हैं.
इन विमानों का एक और फायदा भी है और वो ये कि आपको हवाई अड्डे पर घंटों पहले पहुंचने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी.
असेस सेन गुप्ता
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प्रेषक : maharshi kumar 9452557779old plane kharidne ke jankari de to aap ki mahan karpa hogi.
























