खेल
महाकुंभ का महाफल
लंदन ओलंपिक ने अपनी पदकों की झोली से भारत को अब तक का सबसे बड़ा हिस्सा दिया है. कुछ नाकामियां और निराशाएं भी हैं, लेकिन उम्मीदों का आसमान कहीं ज्यादा बड़ा है. हिमांशु बाजपेयी की रिपोर्ट.
कर्म की वीरता, भाग्य की क्रूरता
क्रिकेट के इतिहास में राहुल द्रविड़ की क्या जगह होगी? क्या उन्हें एक सर्वश्रेष्ठ सहायक स्तंभ के रूप में याद किया जाएगा या फिर एक...और भी हैं आसमां...
100 अंतरराष्ट्रीय शतकों के बाद सचिन तेंदुलकर के लिए अब भी क्या हासिल करना बाकी रहता है? हिमांशु बाजपेयी का आलेख ...उम्मीदों का विराट रूप
विराट कोहली में वे सारी संभावनाएं दिखती हैं जिनकी बुनियाद पर वे क्रिकेट के अगले कालखंड के नायक बन सकते हैं. हिमांशु बाजपेयी का आकलन...वीरू का अपना व्याकरण है
निश्चय ही क्रिकेट या बल्लेबाजी की परंपरा से सहवाग ने बहुत कुछ हासिल किया होगा, लेकिन उनकी अपनी प्रतिभा ने उस परंपरा की बिल्कुल अलग लकीर बना दी है, बता रहे हैं प्रियदर्शन...विजय का विश्वास
सिर्फ खिलाड़ी ही नहीं, भारत में क्रिकेट के प्रशंसक भी एक अहम मनोवैज्ञानिक बाधा के पार निकल आए हैं, बता रहे हैं सुरेश मेनन ...महान कप्तान या महान टीम का कप्तान
सुरेश मेनन बता रहे हैं कि अपनी कप्तानी के लिए आलोचना झेल रहे ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के कप्तान रिकी पोंटिंग का आकलन कई दूसरे पहलुओं को ध्यान में रखकर होना चाहिए...कोई दूसरा नहीं
मुरलीधरन भी अपने खेल की सरहद फलांगकर उस आकाशगंगा का हिस्सा हो गए हैं जिससे खेलों की मनुष्यता बनती है, उसकी विराटता झांकती है ...फुटबॉल की एक समृद्ध नर्सरी
कभी फुटबॉल की नर्सरी कहे जाने वाले देहरादून में इस खेल को फिर से जिंदा करने की कोशिशें हो रही है. मनोज रावत की रिपोर्ट...वो भूली दास्तां...
कभी भारत एशिया की सबसे तगड़ी फुटबॉल टीम हुआ करता था और यह टीम 1950 के विश्व कप में हिस्सा लेते-लेते रह गई थी. भारतीय फुटबाल के उन स्वर्णिम दिनों को याद कर रहे हैं नोवी कपाड़िया...- 'आप’ का क्या होगा?
- चिह्न पर प्रश्नचिह्न
- हरेक बात पे कहते हो तुम कि...
- ह्त्याग्रही गांधी!
- तो हमें तुम्हारी जरूरत ही क्या है मौलाना?
इस आलेख को पढ़ने के बाद मैंने तुरंत ही इसे अपने बुकमार्क सूचि में शामिल कर लिया।
संजय कुमार
सुरुचिपूर्ण, व्यवस्थित और ज्ञानवर्धक आलेख है।
सर, मैं आपके इस लेख की प्रशंसा किन शब्दों में करूँ, समझ में नहीं आ रहा है।
नए लेखकों के ...
संघ परिवार की गर्भनाल से बंधी भाजपा और अपने स्वार्थ की नाल लेकर भाजपा से बंधे वरुण गांधी से आप उम्मीद भी क्या कर सकते ...
एफएसएल के अतिरिक्त एनडीटीवी ने भी वरुण के भड़काऊ भाषणों वाली सीडी की जांच अमेरिका की एक स्वतंत्र फोरेंसिक लैब 'डिजिटल एविडेंस लीगल वीडियो सर्विसेज' ...
ये वही तहलका है ना, बंगारू लक्षमण का स्टिंग करने वाला ? इसकी खोजी पत्रकारिता केवल कांग्रेसी सेवा के लिय ही है , इन दस ...


