डॉली बिंद्रा या ड्रामा क्वीन
कभी छोटी-सी बात पर झगड़ना तो कभी गालियों की बौछार करना, डॉली बिंद्रा ने बिग बॉस को चटपटा बनाए रखा. निशिता झा का आलेख
टेलीविजन की हमारे घरों में हो रही घुसपैठ का एक पक्ष यह भी है कि कभी-कभी वे लोग भी हमारे जीवन का हिस्सा बन जाते हैं जिन्हें आम तौर पर हम शायद ही कभी अपने जीवन में शामिल करना चाहें. पिछले पखवाड़े टेलीविजन चैनल कलर्स ने हमें अपने भीतर के एक और चेहरे से रूबरू करवाया. वह चेहरा जो दूसरों की तकलीफ में आनंद महसूस करता है. चैनल के रियलिटी शो बिग बॉस में जब डॉली बिंद्रा शो के दूसरे सदस्यों पर गालियों की बौछार कर रही थीं तो दर्शकों की एक बड़ी जमात टीवी के पर्दे पर अपलक नजरें गड़ाए हुए थी. उस हफ्ते शो ने जमकर टीआरपी बटोरी.
'पामेला एंडरसन बड़ी परिपक्व और व्यवस्थित महिला हैं. लेकिन मुझे बहुत बुरा लगा जब उन्होंने मुझसे बात नहीं की. उन्होंने सोचा होगा कि मैं बड़ी स्पष्टवादी महिला हूं, और अगर वे मेरे साथ कोई ड्रामा करती हैं तो मैं उन्हें मुंहतोड़ जवाब दूंगी.’
इस बहाने जैसे चैनलवालों को भी टीआरपी बढ़ाने का एक नया नुस्खा मिल गया. डॉली जिन्हें शो से निकाले जाने के बाद प्रशंसकों की ढेरों चिट्ठियां मिल रही हैं, कहती हैं, ‘लोग मुझे लिखते हैं मैं उन्हें अपनी मां, मासी और ताई की याद दिलाती हूं. उन्होंने मुझे परिवार के सदस्य के रूप में स्वीकार कर लिया है.’
यह कहना सही है कि डॉली ध्यान खींचती हैं, लेकिन यह कहना भी गलत नहीं कि हमेशा गलत वजहों से. एक समय की गुमनाम एक्स्ट्रा कलाकार डॉली आज स्टारडम को लगभग छू चुकी हैं. उन्होंने लगभग 130 हिंदी फिल्मों में काम किया है और आज वे अपने पति कैजाद किरमानी के साथ मिलकर एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी ‘स्टार्ज ऐंड शोज’ लिमिटेड चलाती हैं.
‘बिग बॉस में क्यों आईं जब आपका एक सफल करियर (उनकी कंपनी सिर्फ सलमान खान जैसे ए ग्रेड कलाकारों के साथ डील करती है) चल रहा था?’ पूछने पर वे कहती हैं, ’मुझे इमेज बदलने की जरूरत नहीं है. कलर्स वालों ने मुझसे पहले भी संपर्क किया था, लेकिन मैं सलमान भाई की वजह से बिग बॉस के चौथे सीजन में शामिल हुई.’
वे भले ही इससे इनकार करें मगर उनकी इमेज बदल गई है. लोग उन्हें नापसंद करने की बजाय उनके साथ सहानुभूति जता रहे हैं. जिस तरह से डॉली, श्वेता तिवारी और समीर सोनी के साथ हिंसक हो गई थीं उससे कई हफ्तों से शो में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा था. गालियों की अति के कारण चैनल कानूनी मुसीबतों में भी फंसा. डॉली को प्रतियोगियों के कहने पर जबर्दस्ती शो से निकाला गया था. इस आरोप पर कि उनका व्यवहार पूरे परिवार के साथ बैठकर टीवी देखने वाले दर्शकों के हिसाब से ठीक नहीं था, डॉली कहती हैं, ’मजबूर हो गई थी डॉली बिंद्रा, पंजाबी कुड़ी का पंजाबी दिमाग खराब हो गया था.’
शायद इसी मनोस्थिति में उन्होंने श्वेता तिवारी को धमकी दे डाली कि अगर उन्हें ज्यादा छेड़ा गया तो हर उस शख्स का नाम ले लेंगी जिसके साथ तिवारी के करीबी संबंध रहे हैं. उन्होंने बार-बार दूसरी महिला सदस्यों पर यह आरोप भी लगाया कि वे प्रसिद्धि की भूखी हैं. यह अलग बात है कि स्वच्छंदता को लानतें भेजने वाली डॉली की अपनी वेबसाइट पर ही उनकी और दूसरी कई अभिनेत्रियों की लगी भड़कीली तस्वीरें कुछ और ही चुगली करती हैं.
डॉली इस पर भी दुखी हैं कि बेवॉच स्टार पामेला एंडरसन ने उनसे ठीक से बात नहीं की. वे कहती हैं, 'वे बड़ी परिपक्व और व्यवस्थित महिला हैं. लेकिन मुझे बहुत बुरा लगा जब पैम ने मुझसे बात नहीं की. मैं सोचती हूं उन्होंने सोचा होगा कि मैं बड़ी स्पष्टवादी महिला हूं, और अगर वे मेरे साथ कोई ड्रामा करती हैं तो मैं उन्हें मुंहतोड़ जवाब दूंगी.’ अपने साथ पैम के एकमात्र संवाद को याद करते हुए वे कहती हैं, ‘उन्होंने मुझसे मेरे परिवार के बारे में पूछा. वह एक कोशिश थी मुझे भावुक कर तोड़ने की, इसलिए मैंने कह दिया बस’. जब डॉली को जबर्दस्ती निकाला गया तो वे भावुक हो गईं. ‘मेरे भाई (सलमान) और मां की मौजूदगी में मैं यह सब और नहीं झेल सकती थी.’
बिग बॉस की भारतीय समाज में जितनी भी आलोचना हो लेकिन फिर भी हम इसे देखने का मोह छोड़ नहीं पाते. हमें खुद से यह सवाल नहीं पूछना चाहिए कि डॉली बिंद्रा कौन हैं? दरअसल हमें इसकी बजाय खुद से यह पूछना चाहिए कि हम उनकी कमी क्यों महसूस करते हैं?





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