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परिणीति की परीकथा

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इशकजादे से मुख्य भूमिका में आईं परिणीति में आखिर ऐसा क्या है जिसने उनकी पहली फिल्म लेडीज वर्सेज रिकी बहल के औसत प्रदर्शन के बावजूद उन्हें हिट करा दिया. निशिता झा की रिपोर्ट

अहमदाबाद, इंदौर, जयपुर और फिर दिल्ली. वे अपनी फिल्म प्रोमोशन के लिए धुआंधार दौरे करके इन जगहों से लौटी हैं. यह यशराज फिल्म स्टूडियो है- सपने देखने वालों का तीर्थ और 24 साल की परिणीति चोपड़ा फिलहाल इसी जगह अपने सपने सच होते हुए देख रही हैं.

प्रियंका चोपड़ा की यह चचेरी बहन एक साल पहले लंदन से मुंबई लौटी थीं. वे भी उन हजारों भारतीय प्रवासियों में शामिल थीं जिन्हें वैश्विक आर्थिक मंदी के चलते भारत वापस लौटना पड़ा. इसे संयोग माना जाए या अच्छी किस्मत, उन्हें तुरंत ही यशराज फिल्म्स की मार्केटिंग टीम में मिड लेवल एक्जिक्यूटिव की नौकरी मिल गई. फिल्मों में काम करने के सपने देखने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए परिणीति से जलन की यह पर्याप्त वजह हो सकती है कि मार्केटिंग में नौकरी करने वाली इस लड़की को कुछ ही दिनों बाद आदित्य चोपड़ा की तीन फिल्मों के लिए अनुबंधित किया गया है. परिणीति के लिए सुखद संयोगों का चक्र शायद अभी रुका नहीं है क्योंकि इसी महीने की 11 तारीख को उनकी फिल्म इशकजादे रिलीज हो चुकी है.

आज के व्यस्त दिन में वे 18 इंटरव्यू दे चुकी हैं और 19 वें में हमारे साथ हैं. इसके बाद भी उनमें हम वह झलक नहीं देख पा रहे जो आम तौर पर बॉलीवुड सेलीब्रिटियों में देखने के आदी हैं. परिणीति उस खूबसूरत लड़की की तरह हैं जिसे अपने किशोरवय में अचानक किसी दिन एहसास होता है कि वह खूबसूरत है और ढेरों लोग उसकी तरफ ध्यान देते हैं. हर इंटरव्यू के बाद वे कॉन्फ्रेंस रूम से बाहर भागते हुए जाती हैं. कॉरीडोर में पुरानी हिंदी फिल्मों के गाने गाती हैं. इसी उत्साह के साथ वे इशकजादे की टीम के सदस्यों के साथ हंसी-मजाक करती हैं और बाहर उनका इंतजार कर रहे पत्रकारों के साथ हंसते-मुस्कराते हुए बात भी. उनकी एजेंट पारुल हमें बताती हैं, 'परिणीति को आप हमेशा इतने ही अच्छे मूड में देखेंगे.'

यशराज फिल्म की पूरी मशीनरी प्रतिभावान युवाओं के हाथ में है. इनके साथ पूरी तरह से घुल-मिलकर काम कर रही परिणीति को देखकर यह यकीन करना मुश्किल होता है कि वे फिल्मों में नई हैं. हालांकि उनके सहयोगी मानते हैं कि वे कुछ समय पहले तक खुद को ऑफिस के माहौल में ढाल नहीं पाती थीं. बेसिरपैर यहां-वहां घूमने की प्रवृत्ति, सहयोगियों से बेहतर काम लेने के लिए उनके काम में हस्तक्षेप और कहीं भीतर लाइमलाइट में आने की इच्छा उन्हें अक्सर चलायमान रखती थी.

‘मार्केटिंग की लड़की और फिल्म की हीरोइन?’ आदित्य चोपड़ा को पहली बार में यह निहायत ही बेतुकी सलाह लगी

लगभग छह महीने पहले की बात है जब परिणीति ने यशराज फिल्म्स की नौकरी छोड़ने का फैसला कर ही लिया था. वे एक एेक्टिंग स्कूल में दाखिला लेना चाहती थीं. तभी बैंड, बाजा, बारात के निर्देशक मनीश शर्मा ने आदित्य चोपड़ा को यह सलाह दी कि उन्हें यशराज की किसी फिल्म में परिणीति को लेना चाहिए. ‘मार्केटिंग की टीम से कोई हीरोइन!’ आदित्य चोपड़ा के लिए तब  यह एक बेतुकी सलाह ज्यादा कुछ नहीं थी. यह समझने के बाद की इस नई लड़की को फिल्म में काम करने का मौका तभी मिल सकता है जब वह फिल्म की रील में दिख जाएं, मनीष ने परिणीति को सलाह दी कि वे यशराज फिल्म के कास्टिंग डायरेक्टर से मिले और उनसे अपने एक्टिंग करियर पर 'सलाह' मांगे. परिणीति चहकते हुए बताती हैं, ' उस दिन हम कैमरे के सामने बस यूं ही घूम रहे थे. मैंने जब वी मैट की कुछ लाइनें कैमरे के सामने बोलीं और फिर वहां से निकल गई. अगले दिन मुझे बुलाया गया और मनीष ने बताया कि यशराज के साथ तीन फिल्मों के लिए मुझे चुना गया है. मेरी समझ में नहीं आया कि क्या करूं. मैंने पूछ भी लिया कि, अब मैं क्या करूं?' परिणीति हंसती हैं. वे हमें कैमरे के सामने किए अपने एेक्ट को दोहराकर बताती हैं. वे खुद अंबाला की रहने वाली हैं इसलिए उन्होंने जब वी मैट  की गीत- एक पंजाबी लड़की जो बेहद बातूनी है, का किरदार ऑडिशन के लिए चुना था. लेडीज वर्सेज रिकी बहल में डिंपल चड्ढा की भूमिका के लिए गीत के किरदार का चुनाव काफी चतुराई भरा फैसला साबित हुआ. लेडीज वर्सेज रिकी बहल  में अपनी भूमिका पर बात करते हुए परिणीति कहती हैं, 'आप मुझे आत्मकेंद्रित समझ सकती हैं लेकिन रिकी बहल... फिल्म का मैं महज पांचवां हिस्सा नहीं थी.' वे यह बात समझती हैं कि उनका किरदार किसी स्टार के लिए नहीं लिखा गया था. परिणीति मुस्कुराते हुए बताती हैं, ' इस बात का मुझे कोई तनाव नहीं था कि सिर्फ एक पखवाड़े पहले तक मैं अनुष्का और रणवीर के लिए पब्लिसिटी का काम संभाल रही थी या यह कि मेरे अलावा फिल्म में तीन और खूबसूरत महिलाएं हैं, जिनमें मुझे एक छोटे शहर की लड़की का किरदार निभाना है. मार्केटिंग के पेशे से ऐक्टिंग में घुसना एक अजीब बदलाव था लेकिन मुझे यह पता था कि यशराज के साथ काम कर रही हूं.'

इस फिल्म में डिंपल चड्ढा का गंवईपन इतनी सहजता के साथ उनके अभिनय में दिखता है कि सीन में आते ही दर्शक उनके संवादों को सुनने का इंतजार करते हैं. और यही वजह रही कि अपनी पहली फिल्म में ही उन्हें पिछले साल की सर्वश्रेष्ठ नवोदित कलाकार श्रेणी के 11 पुरस्कार मिले. और इशकजादे  की मुख्य भूमिका भी. अब तक अपने करियर के प्रति उतनी गंभीर नहीं हो पाई परिणीति के लिए इशकजादे  की जोया का किरदार बेहद महत्वपूर्ण था, यह बात उन्हें तुरंत ही समझ में आ गई. इस फिल्म के लिए अपने नए लुक पर बात करते हुए वे बताती हैं, ' मुझसे किसी ने नहीं कहा था कि जोया को हॉट दिखना चाहिए लेकिन मैंने इस रोल के लिए अपना वजन कम किया क्योंकि यह किरदार बहुत एनर्जेटिक है. जोया एक मजबूत लड़की है. परमा (अर्जुन कपूर) जब उसे बंदूक दिखा रहा है तब आप इस लड़की के घूरने के अंदाज से ही समझ सकते हैं कि वह किरदार कैसा है. अब ऐसी लड़की कुछ मोटी हो तो कितनी अजीब लगेगी.'

लेडीज वर्सेज रिकी बहल  की सफलता के बाद परिणीता का सबसे बड़ा खर्च एक नए अपार्टमेंट में शिफ्ट होने पर आया है. ऐसा अपार्टमेंट जहां से समंदर दिखाई दे. यानी मुंबई में एक मुकाम पर पहुंचने की निशानी. हालांकि बाहरी दुनिया के लिए उनके फिल्म इंडस्ट्री में पहुंचने की सबसे बड़ी निशानी ये हो सकती थी कि वे हिंदी फिल्मों की बाकी हीरोइनों जैसे रटे रटाए जुमले इस्तेमाल करें लेकिन ऐसा है, नहीं. फिलहाल  वे अपनी दुनिया में अचानक आए इस बड़े बदलाव से लगभग अवाक दिखती हैं. अपने नए घर के बारे में परिणीति की बातें इस ओर इशारा भी करती हैं, ' अरे उस घर में तो अभी किराये पर रह रही हूं. लेकिन अब मैं पैसे कमा रही हूं इसलिए इसे खरीद भी सकती हूं.... बहुत बड़ा घर है.' इस बात में 'बड़ा' शब्द को वे खूब खींचकर बोलती हैं. बिलकुल एक स्कूल की लड़की की मासूमियत के साथ. परिणीति अपने आसपास से गुजरने वाले लोगों को, जो उन्हें ध्यान से देखने और पहचानने की कोशिश करते हैं, के पास जाकर खुद बताती हैं कि वे परिणीति हैं. वे कहती हैं, ' अरे अभी मैं उस मुकाम पर नहीं हूं कि अपना शिष्टाचार भूल जाऊं.  मैं यह उम्मीद करती हूं कि ऐसा कभी नहीं होगा. मुझे लगता है कि जिस दिन मैंने जिंदगी के प्रति लापरवाही बरती, वह मुझसे छिटक जाएगी.

'इस क्षण वे रुकती हैं और दार्शनिक होते-होते खुद को संतुलित कर लेती हैं. इंटरव्यू खत्म हो रहा है और हम उनकी अगली हरकत के इंतजार में हैं. वे बाहर देखती हैं और उन्हें इशकजादे के कोरियोग्राफर दिख जाते हैं. यानी अगला व्यक्ति जिसके साथ वे मजाक करने के मूड में दिखने लगी हैं. और हम फिर यह सोचने लगते हैं कि सिर्फ जुमलों में ही नहीं बल्कि ये लड़की अपनी हरकतों में भी बॉलीवुड की परंपरागत नखरे वाली हीरोइनों से अभी बिलकुल जुदा है.

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