न्याय को ना
1984 के सिख विरोधी दंगों के एक मामले में सज्जन कुमार की हालिया रिहाई को एक कड़ी मानकर 84 तक लौटा जाए तो साफ दिखता...झारखंड:फरारी का खेल!
झारखंड में पिछले कुछ माह से तीन चर्चित जन प्रतिनिधि फरार थे, उनमें से एक को तो जमानत मिल गई लेकिन दो का अभी पता नहीं. यही नहीं भविष्य में इनकी संख्या बढ़ भी सकती है. अनुपमा की रिपोर्ट....कर्नाटक:कांटों का ताज!
सिद्धरमैया कर्नाटक के मुख्यमंत्री बन तो गए हैं लेकिन राज्य की खस्ता हालत और आसन्न लोकसभा चुनाव के मद्देनजर उनको कई चुनौतियों का सामना करना होगा. इमरान खान/अशहर खान की रिपोर्ट...‘आज की भोजपुरी फिल्मों से रिदम ही नहीं बिठा पाती’
माथे पर बड़ी लाल बिंदी, होठों पर गहरे लाल रंग की लिपस्टिक और मुंह में पान, इसी रंग में रहती हैं, भोजपुरी की सम्मानित गायिका...उत्तर प्रदेश: एक शहर का कहर
कहीं कब्रिस्तान और श्मशान पर कब्जा तो कहीं तालाब पाटकर बनती बहुमंजिला इमारतें. कहीं फर्जी रजिस्ट्री तो कहीं बिना मुआवजा दिए ही जमीन का अधिग्रहण....लगेगा किसका दांव?
झारखंड में राजनीति की बिसात बिछी हुई है और केंद्र ने राष्ट्रपति शासन की सिफारिश के रूप में अपना दाव चलने की तैयारी भी कर...उत्तराखंड: ‘ठंडे’ पर सरगर्मी
उत्तराखंड में कोका कोला कंपनी को प्लांट के लिए जमीन देने का फैसला जिस तरह हुआ है उससे कई गंभीर सवाल खड़े होते हैं. मनोज रावत की रिपोर्ट....निजीकरण का नफा किसे?
अगर बिल भरने वाले आम लोग परेशान हैं, उनकी शिकायतों पर दिन भर इधर से उधर दौड़ते और इसके एवज में पहले की तुलना में...सियासी यात्राओं का शेष
राजस्थान में विधानसभा चुनाव के लगभग छह महीने पहले शुरू हुईं राजनीतिक यात्राओं के जरिए आखिर कांग्रेस और भाजपा कौन-से लक्ष्य साधने की कोशिश कर रही हैं? शिरीष खरे की रिपोर्ट....राह अलग हो जाए तो...
क्या वजह है कि लंबे समय से गठबंधन सहयोगी रहे जनता दल यूनाइटेड से अलग होने के लिए भारतीय जनता पार्टी में अब ज्यादा उत्साह नजर आता है? निराला की रिपोर्ट. ...-
दुर्गति न कर दे यह ‘गति’
यह कैसी बयार बह रही है! किस दिशा से बह रही है! वह उतावली है या हम! वह उड़ा रही है हमें या हम स्वयं -
इसे अपनी कहानी कदापि न समझें !
बजबजाता नाला. बजबजाते नाले के ऊपर मंडराता मच्छरों का झुंड. मंडराते हुए झुंड में तैरती उनकी आवाजें. तैरती आवाजों में कुछ आक्रोश के स्वर तो -
पाषाणों का आधुनिक काल
एक जगह अलग-अलग दिशाओं से आए हुए तीन पत्थर पडे़ थे. उनमें से एक गोल था, एक चकोर और एक नुकीला. थोड़ी ही देर में
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मुश्किल में टाइटलर
क्या है कोर्ट का हालिया आदेश? 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद भड़के सिख विरोधी दंगे के साये एक बार फिर से कांग्रेस -
कैंसर दवा नेक्सावार का पेटेंट विवाद
क्या है मामला?जर्मनी की दवा निर्माता कंपनी बेयर एजी ने भारत के पेटेंट कार्यालय ‘बौद्धिक संपदा पेटेंट बोर्ड’ के समक्ष अपील की थी कि भारतीय -
अरुण जेटली कॉल डिटेल मामला
कौन कर रहा था जेटली की जासूसी?दिल्ली पुलिस के सिपाही अरविंद डबास को गत 15 फरवरी को भाजपा नेता अरुण जेटली की कॉल डिटेल्स निकालने
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शकुंतला देवी मानव कंप्यूटर
गणितीय प्रतिभा जिन्होंने अपने समय के सबसे तेज माने जाने वाले कंप्यूटरों को गणना में मात दी. -
पी. राजन 1976
जब एक छात्र की पुलिस हिरासत में मौत के मामले में केरल के मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना पड़ा. -
तीन बीघा गलियारा
भारतीय भूमि का वह हिस्सा जिस पर भारत और बांग्लादेश के बीच चार दशक तक विवाद चलता रहा.
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‘अपनी जुबान में भी चाहिए इंसाफ’
कौनश्याम रुद्र पाठक कब04 दिसंबर से अनिश्चितकालीन धरना कहांकांग्रेस मुख्यालय, दिल्लीक्यों1980 में आईआईटी प्रवेश परीक्षा के टॉपर रहे श्याम रुद्र पाठक अपने कुछ साथियों के साथ दिल्ली -
एक रेंजर की सत्याग्रही लड़ाई
कौनआनंद कुमार कब25 मार्च-10 अप्रैल, 2013 कहांरांची, झारखंडक्योंसत्रह दिन के बाद आनंद कुमार का अनशन तो खत्म हो गया लेकिन उन्होंने अपने ही विभाग यानी वन विभाग -
‘कोर्ट का फैसला लागू कर दिया जाए, बस!’
कौनगन्ना किसान कब26 फरवरी से अनिश्चितकालीन धरना कहांमेरठ, उत्तर प्रदेशक्योंमेरठ शहर के बीचोबीच स्थित कमिश्नर दफ्तर के सामने वाले पार्क में हजारों की संख्या में गन्ना किसान
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10 रुपये का नोट और ईमानदारी का सबक
ऐसा शायद ही कोई होगा जिसने घूम-घूम कर हींग, जीरा, माला, रुद्राक्ष आदि बेचने वाले नेपाली फेरीवालों की ईमानदारी और मेहनत की कहानियां न सुनी -
‘काश लोगों ने पहले इतनी कद्र की होती’
बचपन से ही मैं अभिनय की ओर आकृष्ट थी. यही वजह थी कि स्कूल के दिनों से ही नाटक आदि से मेरा जुड़ाव हो गया. -
‘उस दिन अगर मैं दरवाजा खोल देती!’
कई बातें ऐसी होती हैं जो बीत जाने के बाद बरसों, कई बार तो ताउम्र अपना असर कायम रखती हैं. मुझे आज भी बहुत अच्छी
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'आप’ का क्या होगा?
- चिह्न पर प्रश्नचिह्न
- हरेक बात पे कहते हो तुम कि...
- तो हमें तुम्हारी जरूरत ही क्या है मौलाना?
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‘जीवन एक तीर्थयात्रा है.’
- 83 के विश्व विजयी वीरों का सम्मान
- माया से मुलायम मालामाल
- अंधेरे में ज्ञान का जुगनू
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Janana kyo jaruri hain, 16/05/2013 22:04:27
Janana kyo jaruri hain
Kya ashe hi Christian and Muslim ke bare me likhane ki aukat hain, if not to baukan band karo
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Ali bahadur, 16/05/2013 12:15:53
Ali bahadur
Varun Gandhi ko apne naam se Gandhi hata dena chahiye .Kyoki Gandhi ke naam par ye badnuma daag he .Ye Gandhi privar ka nahi ho ...
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zareen siddiqui, 16/05/2013 05:02:39
zareen siddiqui
बग़ैर किसी अपराध के जेल में डाल देना छत्तीसगढ़ सरकार कि विकाश कि नितिओ में शुमार हो चुका है अगर शासक निरंकुश है तो उस ...
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Prashant, 16/05/2013 02:17:31
Prashant
ये वही तहलका है ना, बंगारू लक्षमण का स्टिंग करने वाला ? इसकी खोजी पत्रकारिता केवल कांग्रेसी सेवा के लिय ही है , इन दस ...






