शाह की बादशाहत
धोखाधड़ी में लिफ्त एक कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की बजाय उसे हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट का ठेका दिलाने की कोशिशें की जा रही हैं. जय प्रकाश त्रिपाठी की रिपोर्ट...सड़न के संकेत
डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया का काम है डेंटल कॉलेजों को मान्यता देना और दंत चिकित्सा का नियमन करना. लेकिन उस पर कॉलेजों को मान्यता देने में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप लग रहे हैं. रविशंकर सिंह, हिमांशु शेखर की रिपोर्ट...'मुझे ईश्वर से काफी मानसिक शक्ति मिली है'
मणिपुर में लागू सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम (अफ्स्पा) नाम का कठोर कानून हटाने को लेकर इरोम शर्मिला का आमरण अनशन अपने बारहवें वर्ष में प्रवेश...नाक की लड़ाई
बिहार में केंद्रीय विश्वविद्यालय कहां बने, इस पर रस्साकशी चल रही है, लेकिन इस शोर में असल मुद्दा उपेक्षित है. निराला की रिपोर्ट...मर्ज कुछ, दवा कुछ
झारखंड में 2012 लाडली बिटिया वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है. लेकिन एक बड़ी हद तक यह पहल बीमारी कुछ और इलाज कुछ जैसी दिखती है. अनुपमा की रिपोर्ट...सौदों के बाद शोध में सड़ांध
किसी सेनाध्यक्ष द्वारा पहली बार रक्षा सौदों में दलालों की सक्रियता के आरोपों के बाद सरकार से लेकर सेना तक में हलचल है. लेकिन कम...परिणीति की परीकथा
इशकजादे से मुख्य भूमिका में आईं परिणीति में आखिर ऐसा क्या है जिसने उनकी पहली फिल्म लेडीज वर्सेज रिकी बहल के औसत प्रदर्शन के बावजूद उन्हें हिट करा दिया. निशिता झा की रिपोर्ट...-
' राम तेरे बंदों से कांपते हुए '
गीतिकाराम तेरे बंदों से कांपते हुए,जिया किए राम-राम जापते हुए.जीवन के बोझ तले दबे-कुटे हम,दुनिया भर रंज-ग़म अलापते हुए.दूर खड़ी खुशियों की टोह-टोहकर,हासिल का इंच-इंच -
कर्मन की गति न्यारी
कर्ज की हमको दवा बताई कर्ज ही थी बीमारी, साधो!कर्मन की गति न्यारी.गेहूं उगे शेयर नगरी में खेतों में बस भूख उग रही मूल्य सूचकांक
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खुश रहने का सूत्र
माफ कीजिएगा, आप खुश होना ही नहीं चाहते. आपको तो बस चिकचिक-किचकिच करना है. क्या कहा! आप खुश होना चाहते हैं. मगर कैसे? आपके 'कैसे' -
गांधी-वेवेल वार्ता, स्वर्ग लोक में
देशभक्त, लेखक को माफ करें कि वेवेल (1943 से 1947 तक भारत का वायसरॉय) को भी स्वर्ग में दिखाया गया है, मगर मैं क्या करता
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ऐसे तो सौ भी भले होंगे
छोटे राज्य भला किसे पसंद नहीं आएंगे? पर आज वे जिस बड़े ढांचे में से तोड़कर बनाए जा रहे हैं उसके सारे दोष वे अपनी कुंडली में लेकर ही जन्म लेते हैं -
मातृभाषा
जैसे चींटियां लौटती हैं बिलों में कठफोड़वा लौटता है काठ के पास वायुयान लौटते हैं एक के बाद एक लाल आसमान में डैने पसारे हुए हवाई अड्डे की ओर ओ मेरी भाषा मैं
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‘स्वर्णा की कहानी नौकरानी से उघमी होने की कहानी है’
हम दोनों एक ही उम्र के थे और साथ-साथ बढ़े हुए थे. बचपन में हम आधी बनी इमारत के सामने मौजूद रेत के टीलों पर -
‘ जाहिदे तंग नजर ने काफिर मुझे समझा...’
जीवन में खट्टे-मीठे अनुभवों के साथ कुछ ऐसे तीखे और कटु अनुभव भी होते हैं जिनके बाद लगता है कि शिक्षा, डिग्री और समाज के
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गौवध विरोधी आंदोलन : गुलजारीलाल नंदा का इस्तीफा
जिसने पहली बार इंदिरा गांधी को कांग्रेस पार्टी पर पकड़ मजबूत करने का मौका दिया -
डाकू गब्बरा सिंह : पं नेहरू के जन्मदिन का तोहफा
चंबल का डाकू जिसकी मौत की खबर तत्कालीन प्रधानमंत्री को उनके जन्मदिन के तोहफे के रूप में दी गई थी
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' यह विज्ञापन के दौर है जिसमें किताबों का बेवजह नाम हो जाता है'
आपकी पसंदीदा विधा कौन-सी है? शुरू में कविताएं लिखता था. अब आलोचना और संस्मरण लिखता हूं. हाल में हजारी प्रसाद द्विवेदी जी की संस्मरणात्मक जीवनी लिखी -
'बहुत पढ़ने की चाहत नहीं है. बहुत चुनकर पढ़ता हूं.'
आपकी पसंदीदा विधा कौन-सी है?पढ़ने की मेरी यात्रा उपन्यास से शुरू हुई, बचपन से. तब चोरी-चुपके गुलशन नंदा और वेद प्रकाश के उपन्यास पढ़ता था.
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‘जीवन एक तीर्थयात्रा है.’
- माया से मुलायम मालामाल
- अंधेरे में ज्ञान का जुगनू
- नोएडा पुलिस की कर्मठता के मायने
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Puspendra Singh, 17/05/2012 09:59:57
Puspendra Singh
बहुत ही अच्छा एवं हमेशा की तरह शोध पूर्ण लेख.लेख पढ़कर तो यही लगता है और इसमें सत्यता भी है की ये सारा खेल बहुत ...
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umesh, 17/05/2012 09:59:06
umesh
जो डलहौज़ी न कर पाया वो ये हुक़्क़ाम कर देंगे
जो डलहौज़ी न कर पाया वो ये हुक़्क़ाम कर देंगे
कमीशन दो तो हिंदोस्तान को नीलाम कर ...
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Juicy Couture diaper bags outlet, 17/05/2012 05:42:33
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Awesome...It's nice share that, thanks very much!
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Juicy Couture diaper bags outlet, 17/05/2012 05:42:07
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Well good to read about this thanks.






